सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली में मनाया गया विश्व मलेरिया दिवस
स्वर्गीय मोहनलाल चौधरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली में 25 अप्रैल को खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कुणाल नायक व खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी सह मीडिया प्रभारी टी आर धृतलहरे के संयुक्त तत्वधान में विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया ।
जहां पर डॉक्टर नायक के द्वारा बताया गया कि मलेरिया बुखार मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है जो ठहरे हुए गंदा पानी में पनपता है मादा एनाफिलीज मच्छर संक्रमित व्यक्ति को काटने की पश्चात स्वस्थ व्यक्ति को काटने से मलेरिया फैलता है।
भारत में प्लाज्मोडियम फैल्सीफेरम व प्लाज्मोडियम वायवेक्स दो प्रकार के मलेरिया पैरासाइट मुख्य रूप से पाया जाता है इसमें प्लाज्मोडियम फैल्सीफेरम खतरनाक मलेरिया है जिसे मस्तिष्क मलेरिया के नाम से भी जाना जाता है।
मलेरिया बुखार के प्रमुख लक्षण है ठंड लगकर कंपकपी के साथ बुखार , तेज़ सिरदर्द, उल्टी होना , किसी किसी को चक्कर आना व पसीना के साथ बुखार का उतर जाना है जिससे मरीज को कमजोरी लगता है लंबे समय तक के मलेरिया बुखार से पीड़ित होने पर मरीज को खून की कमी, पीलिया और किडनी फेल भी हो सकता है।
इसी कड़ी में टी आर धृतलहरे ने बताया कि मलेरिया परजीवी के बारे में सर्वप्रथम सर रोनाल्ड रॉस ने 1897 में विस्तृत जानकारी दिया था, मलेरिया से बचाव हेतु हमें मच्छर दानी का उपयोग, घर के आस पास पानी का जमाव नहीं होने देना, घरों में नीम के पत्ती का धुआं देना तथा बुखार आने पर नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में अपना खून का जांच कराना है क्योंकि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा पूरे विश्व में जॉर्जिया देश को मलेरिया मुक्त घोषित किया है तथा नाइजीरिया में सबसे ज्यादा मलेरिया का केस मिलता है भारत सरकार का वर्ष 2026 केलिए थीम मलेरिया उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध :_"अब हम कर सकते हैं अब हमें करना ही होगा"तय किया गया है।
इस कार्यक्रम में डॉक्टर जनक कुमार जेरी, डॉक्टर स्मृति चौधरी, डॉक्टर जयश्री दुतकामड़ी , डोलचंद पटेल ,समीर पटेल परमेश्वर सेन, रूपचंद साहू, रेखा सिंह व मितानिन कार्यक्रम से माधुरी पंडा इत्यादि उपस्थित रहे स्वास्थ्य विभाग आम नागरिकों से अपील करता किघर ,गांव ,गली ,मोहल्ला व शहर को स्वच्छ रखकर मलेरिया उन्मूलन में सहयोग प्रदान करें।