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वेदांता लिमिटेड ने रिकॉर्ड FY26 प्रदर्शन दर्ज किया: Q4 में लाभ 89% YoY बढ़कर ₹9,352 करोड़ रहा और पूरे वर्ष के लिए 22% बढ़कर ₹25,096 करोड़ रहा।

अब तक का सबसे अधिक राजस्व: FY26 में ₹1,74,075 करोड़ (15% YoY वृद्धि) और Q4 में ₹51,524 करोड़ (29% YoY वृद्धि) 

रिकॉर्ड EBITDA: FY26 में ₹55,976 करोड़ (29% YoY वृद्धि) और Q4 में ₹18,447 करोड़ (59% YoY वृद्धि); Q4 मार्जिन 44% रहा

नेट डेब्ट टू EBITDA: FY25 के 1.22x की तुलना में घटकर 0.95x रहा

वेदांता लिमिटेड (BSE: 500295 और NSE: VEDL) ने आज 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के लिए अपने अनऑडिटेड समेकित परिणामों की घोषणा की, जिसमें कंपनी ने अब तक का अपना सबसे मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया।

वेदांता ने अपनी अब तक की सबसे अधिक तिमाही आय ₹51,524 करोड़ दर्ज की, जो साल-दर-साल (YoY) आधार पर 29% अधिक है। वहीं, वार्षिक आय बढ़कर ₹1,74,075 करोड़ हो गई, जो 15% की वृद्धि दर्शाती है। तिमाही के लिए EBITDA रिकॉर्ड ₹18,447 करोड़ तक पहुंच गया, जो YoY आधार पर 59% बढ़ा, जबकि मार्जिन 915 बेसिस पॉइंट बढ़कर 44% हो गया। वित्त वर्ष 2026 के लिए EBITDA ₹55,976 करोड़ रहा, जो 29% YoY वृद्धि के साथ लगभग 39% मार्जिन पर दर्ज किया गया।

कंपनी ने Q4 FY26 में ₹9,352 करोड़ का रिकॉर्ड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया, जो साल-दर-साल (YoY) आधार पर 89% की वृद्धि है। पूरे वित्त वर्ष के लिए PAT ₹25,096 करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर पर रहा, जो 22% YoY बढ़ोतरी को दर्शाता है। यह प्रदर्शन मजबूत परिचालन क्षमता और लागत दक्षता के कारण संभव हो पाया।
कंपनी की बैलेंस शीट में उल्लेखनीय मजबूती आई है, जिसमें नेट डेब्ट टू EBITDA अनुपात घटकर 0.95x हो गया, जो पिछले 14 तिमाहियों में इसका सबसे अच्छा स्तर है, जबकि एक साल पहले यह 1.22x था। वेदांता लिमिटेड की क्रेडिट रेटिंग CRISIL और ICRA दोनों द्वारा AA पर बरकरार रखी गई। वहीं, इसकी पेरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेज की रेटिंग फिच रेटिंग्स द्वारा बढ़ाकर BB- कर दी गई।

वेदांता ने मजबूत फ्री कैश फ्लो उत्पन्न किया, जिसमें Q4 में प्री-कैपेक्स फ्री कैश फ्लो ₹11,930 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल (YoY) आधार पर 53% अधिक है, और वित्त वर्ष 2026 के लिए यह ₹26,013 करोड़ रहा। इससे कंपनी की लिक्विडिटी और पूंजी आवंटन में लचीलापन बढ़ा है।

कैश और कैश इक्विवेलेंट्स 38% YoY बढ़कर ₹28,485 करोड़ हो गए। वहीं, रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) लगभग 32% तक पहुंच गया, जो 539 बेसिस पॉइंट की वृद्धि दर्शाता है और बेहतर पूंजी दक्षता को दर्शाता है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में अपने प्रमुख व्यवसायों में मजबूत परिचालन प्रदर्शन किया, जिसे रिकॉर्ड उत्पादन और बेहतर दक्षता का समर्थन मिला। एल्युमिनियम व्यवसाय ने 2,456 किलोटन (kt) का अब तक का सबसे अधिक वार्षिक उत्पादन दर्ज किया, जो YoY आधार पर 1% अधिक है, जबकि एल्युमिना उत्पादन 48% बढ़कर रिकॉर्ड 2,916 kt हो गया। ज़िंक इंडिया ने 1,114 kt (2% YoY वृद्धि) का सर्वाधिक खनन धातु उत्पादन और 851 kt (3% YoY वृद्धि) का रिफाइंड मेटल उत्पादन दर्ज किया। वहीं, ज़िंक इंटरनेशनल का उत्पादन 27% बढ़कर 225 kt हो गया। फेरो क्रोम उत्पादन 101 kt के रिकॉर्ड स्तर (21% YoY वृद्धि) पर पहुंचा, जबकि आयरन ओर-पिग आयरन उत्पादन 895 kt (10% YoY वृद्धि) रहा। कॉपर कैथोड उत्पादन 15% बढ़कर रिकॉर्ड 170 kt हो गया। पावर व्यवसाय ने 18,571 मिलियन यूनिट (MU) की वार्षिक बिक्री दर्ज की, जो YoY आधार पर 14% अधिक है।

वर्ष के दौरान, कंपनी ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं, जिनमें छत्तीसगढ़ स्थित बाल्को में भारत के सबसे बड़े 525 kA स्मेल्टर से पहली धातु का उत्पादन शामिल है। इसके अलावा, कंपनी ने डाउनस्ट्रीम कॉपर और एल्युमिनियम पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए इंकैब इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया, केर्न ऑयल एंड गैस द्वारा संचालित अंबे ब्लॉक में ऑफशोर गैस की खोज की, और मीनाक्षी व एथेना के लिए 5 साल की अवधि का 500 मेगावाट का PPA हासिल किया, जिससे उसकी विकास और एकीकरण रणनीति को और मजबूती मिली।
कंपनी अपने डिमर्जर की प्रक्रिया में भी लगातार प्रगति कर रही है, जो 1 मई 2026 से प्रभावी होगी। यह कदम दीर्घकालिक मूल्य को अनलॉक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 48.6% का टोटल शेयरहोल्डर रिटर्न (TSR) भी दिया, जो निफ्टी मेटल इंडेक्स से 2 गुना से अधिक बेहतर प्रदर्शन है। साथ ही, कंपनी ने मजबूत डिविडेंड भुगतान बनाए रखते हुए पूरे वर्ष के लिए ₹34 प्रति शेयर का लाभांश भी दिया।

वेदांता के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अरुण मिश्रा ने कहा, “वित्त वर्ष 2026 वेदांता के लिए मजबूत निष्पादन का वर्ष रहा, जिसमें पूरे पोर्टफोलियो में रिकॉर्ड परिचालन प्रदर्शन दर्ज किया गया। हमने 2.9 मिलियन टन एल्युमिना, 2.46 मिलियन टन एल्युमिनियम, ज़िंक इंडिया में 1.1 मिलियन टन माइनड मेटल, 895 kt पिग आयरन और 101 kt फेरोक्रोम का उत्पादन किया, जो नई क्षमताओं के विस्तार के साथ बेहतर संचालन दक्षता को दर्शाता है। वर्ष के दौरान, हमने लगभग ₹15,000 करोड़ का ग्रोथ कैपेक्स लगाया और लांजीगढ़ ट्रेन II, नया बाल्को स्मेल्टर, झारसुगुड़ा में डाउनस्ट्रीम विस्तार, ज़िंक इंडिया में देबारी रोस्टर और 1.3 गीगावाट पावर क्षमता जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट्स को चालू किया। ऑपरेशनल उत्कृष्टता पर हमारे निरंतर फोकस के कारण एल्युमिनियम और ज़िंक व्यवसाय में पिछले पांच वर्षों में सबसे कम लागत हासिल की गई।”

वेदांता के सीएफओ अजय गोयल ने कहा, “यह तिमाही वेदांता के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जिसमें हमने अपनी अब तक की सबसे मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दिया—तिमाही और पूरे वर्ष दोनों के लिए राजस्व, EBITDA और PAT में रिकॉर्ड स्तर हासिल किए, और 1 मई 2026 से प्रभावी डिमर्जर के साथ अगले विकास चरण के लिए स्पष्ट दिशा तय की। हमारा राजस्व 15% YoY बढ़कर ₹1,74,075 करोड़ हुआ, EBITDA 29% YoY बढ़कर ₹55,976 करोड़ रहा और PAT ₹25,096 करोड़ तक पहुंचा, जो 22% YoY वृद्धि दर्शाता है। हमारी बैलेंस शीट और मजबूत हुई, जिसमें नेट डेब्ट टू EBITDA अनुपात 1.22x से घटकर 0.95x हो गया, और CRISIL व ICRA दोनों ने VEDL की क्रेडिट रेटिंग AA पर बरकरार रखी। वर्ष के दौरान ₹14,918 करोड़ का कैपेक्स निवेश करते हुए हमने विकास की दिशा में कदम बढ़ाए, साथ ही अपने शेयरधारकों को ₹34 प्रति शेयर का आकर्षक डिविडेंड दिया और 48.6% का TSR प्रदान किया।”


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