सत्ता नहीं, राष्ट्र निर्माण का संकल्प: भाजपा के दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण महाअभियान का भव्य शुभारंभ
भारतीय जनता पार्टी के बहुप्रतीक्षित दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण महाअभियान का बुधवार को अग्रोहा धाम में उत्साह, ऊर्जा और राष्ट्रवाद के माहौल के बीच भव्य शुभारंभ हुआ। ‘सत्ता नहीं, राष्ट्र निर्माण’ के संकल्प के साथ आयोजित इस वैचारिक महाकुंभ में जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
सुबह 9 बजे से ही अग्रोहा धाम परिसर में कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। डिजिटल पंजीयन और क्यूआर कोड के माध्यम से प्रशिक्षण शुल्क के ऑनलाइन भुगतान को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत जलपान, पंजीकरण और डिजिटल प्रक्रिया के साथ हुई, जिसके बाद ‘विकास-यात्रा’ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया।
प्रदर्शनी में भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद, केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों और डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठन की वैचारिक पृष्ठभूमि और सरकार की योजनाओं से जोड़ना रहा।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि भाजपा के लिए सत्ता केवल शासन करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ कार्य करते हैं और यही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है।
सांसद राधेश्याम राठिया ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा के लिए सत्ता राष्ट्रयज्ञ में आहुति देने का साधन है। वहीं राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने भारत के गौरव और सांस्कृतिक विरासत को भाजपा की राजनीति का मूल उद्देश्य बताया।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण धर दीवान, वर्गाधिकारी किशोर राय, वर्ग प्रमुख सतीश बेहरा और जिला प्रशिक्षण प्रमुख विकास केड़िया ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। नेताओं ने बूथ प्रबंधन, सोशल मीडिया संचालन, जनसंपर्क और शासन की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं को वैचारिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनने का आह्वान किया।
भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से गूंजते अग्रोहा धाम में आयोजित इस प्रशिक्षण महाअभियान में महिला कार्यकर्ताओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। पूरे कार्यक्रम के दौरान संगठनात्मक अनुशासन, तकनीकी नवाचार और राष्ट्रसेवा की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी।