सांकरा : दिव्यांग किसान के घर बनाने के टूटे सपनों को सांकरा पुलिस ने दी पंख, चोर से लौटाई रकम, अब फिर जागी नई उम्मीद
48 घंटे में चोरी का पर्दाफाश 2.30 लाख रुपये नगद के साथ आरोपी गिरफ्तार
साइबर और मुखबिर तंत्र की सक्रियता से मिली बड़ी सफलता
सांकरा थाना पुलिस ने तत्परता, संवेदनशीलता और प्रभावी कार्रवाई का परिचय देते हुए एक बड़ी चोरी की वारदात का मात्र 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया, बल्कि चोरी हुई 2 लाख 30 हजार रुपये की पूरी रकम शत-प्रतिशत नगद बरामद कर एक दिव्यांग किसान के टूटते सपनों को फिर से संवारने का कार्य किया है। क्षेत्र में पुलिस की इस कार्रवाई की व्यापक सराहना हो रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी देवेंद्र जोशी ने थाना सांकरा पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि 16 मई की रात अज्ञात चोर उनके घर में रखी पेटी से प्रधानमंत्री आवास योजना, केसीसी लोन तथा धान बिक्री से प्राप्त राशि सहित कुल 2 लाख 30 हजार रुपये नगद चोरी कर ले गया। यह रकम घर निर्माण के लिए वर्षों से पाई-पाई जोड़कर संचित की गई थी।
बताया जा रहा है कि पीड़ित एक दिव्यांग किसान है, जिसने कठिन परिस्थितियों के बीच अपने परिवार के लिए घर बनाने का सपना संजोया था। चोरी की इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था। वर्षों की मेहनत और संघर्ष से जोड़ी गई रकम एक ही रात में गायब हो जाने से किसान और उसका पुत्र मानसिक रूप से टूट गए थे। घर बनाने की उम्मीद मानो बिखरती नजर आने लगी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सांकरा पुलिस ने अपराध क्रमांक 99/26 भारतीय न्याय संहिता की धारा धारा 305(ए), 331(4) के तहत मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की। पुलिस टीम ने साइबर सेल और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए लगातार संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस का संदेह सावित्रीपुर निवासी शिशुपाल धुवल (42 वर्ष), पिता महावीर धुवल पर गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी पुलिस को लगातार गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन पुलिस की सतर्कता और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के आगे उसकी चाल ज्यादा देर नहीं चल सकी। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने चोरी की घटना स्वीकार कर ली।
आरोपी के निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई पूरी 2 लाख 30 हजार रुपये की नगद राशि बरामद कर ली। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। सांकरा पुलिस की इस कार्रवाई को लोग केवल एक सफल पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवता का उदाहरण भी मान रहे हैं। जिस तत्परता के साथ पुलिस ने एक दिव्यांग किसान की वर्षों की मेहनत की कमाई और उसके घर बनाने देखे सपनों को फिर से लौटाया है, उसकी क्षेत्रभर में चर्चा और प्रशंसा हो रही है।