बसना में मिला बेशकीमती खजाना, चिपरीकोना-जमदरहा क्षेत्र में माइनिंग से खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते, भारत बनेगा आत्मनिर्भर
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना तहसील अंतर्गत जमनीडीह-भालुकोना में डेक्कन गोल्ड माइंस द्वारा किये जा रहे निकेल, कॉपर और बेसकीमती प्लैटिनम ग्रुप (PGE) खनिजों के खनन में अरबों रुपये का बेशकीमती खजाना मिलने का दावा किया है.
इस बेशकीमती खजाने से ना केवल छत्तीसगढ़ बल्कि आने समय में देश की किस्मत भी बदल सकती है, इस खुदाई में निकेल, कॉपर और बेसकीमती प्लैटिनम ग्रुप (PGE) जसी महत्वपूर्ण खनिज के मिलने से भारत का आत्मनिर्भर बनने के दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
आपको बता दें कि स्थानीय लोग इस क्षेत्र में पहले से ही खनिज सम्पदा के होने का अनुमान लगाते थे. लेकिन डेक्कन गोल्ड को 9 अप्रैल, 2025 को कार्य परमिट प्राप्त हुआ, जिससे अन्वेषण गतिविधियों को शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हुआ. प्रारंभिक कार्य के दौरान यहाँ संभावित Ni-Cu-PGE भंडार की खोज को उजागर किया गया, जिसे मुख्यमंत्री ने विष्णुदेव से ने देश के लिए एक अहम कदम बताया.
डेक्कन गोल्ड माइंस करीब दो दशकों से भारत और विदेशो में स्वर्ण और खनिज भंडारों की पहचान और खोज करता है, जिनके माध्यम से जमनीडीह-भालुकोना में पहली खुदाई में 60 मीटर चौड़ी खनिजीकृत परत मिला. इसकी कीमत अरबों की बताई जा रही है.
डेक्कन गोल्ड माइंस को निकेल ब्लॉक के लिए 30 वर्ग किलोमीटर का लाइसेंस स्थान जमनीडीह-भालुकोना में दिया गया है, जो बसना तहसील के ढालम, अजगरखार, पैता, चिपरीकोना और जमदरहा के बीच एक सर्कल घेरे में जंगलों के बीच स्थित है, यहाँ स्थानीय सड़कों और वन मार्गों के माध्यम से आसानी से पहुँचा जा सकता है.
डेक्कन गोल्ड माइंस के अनुसार अब तक यहाँ 1.3 किलोमीटर की लंबाई में फैले सात होल में लगभग 1,200 मीटर की ड्रिलिंग पूरी हो चुकी है, जिसमे यह बेशकीमती खजाना मिलने का दावा किया गया है.
इस खजाने के मिलने से इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) से लेकर मोबाइल, बैटरी, मिसाइल और हाईटेक मशीनों तक में इस्तेमाल होने वाला निकल अब भारत में भी बड़े स्तर पर मिलने की उम्मीद जगी है. भारत अब तक निकल के लिए काफी हद तक विदेशों पर निर्भर रहा है. ऐसे में यह खोज भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
जहाँ दुनिया भर में निकल और दूसरे क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर होड़ मची हुई है. वहीँ छत्तीसगढ़ में निकल और प्लेटिनम ग्रुप एलिमेंट्स के मिलने से राज्य की रणनीतिक अहमियत और बढ़ सकती है. अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है तो इससे रोजगार, निवेश और नई इंडस्ट्री को भी बड़ा फायदा मिलेगा.
छत्तीसगढ़ जो पहले से ही लौह अयस्क, कोयला और दूसरे खनिजों के लिए जाना जाता है. लेकिन, अब इन खनिजों के मिलने से छत्तीसगढ़ के साथ बसना को वैश्विक स्तर पर अब और बड़ी पहचान बनेगी.