राजस्व पखवाड़े में 2500 से अधिक मामलों का निराकरण, कलेक्टर ने दिए समयबद्ध समाधान के निर्देश
जिले में चल रहे राजस्व पखवाड़े के तहत अब तक 2500 से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण कर आम नागरिकों को राहत दी गई है। जिला कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में राजस्व पखवाड़ा, सुशासन तिहार एवं लंबित राजस्व मामलों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आमजन को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लंबित प्रकरणों का तेजी से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि राजस्व पखवाड़े के प्रथम चरण में प्राप्त 1854 आवेदनों में से 1589 मामलों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि द्वितीय चरण में प्राप्त 1283 प्रकरणों में से 917 मामलों का समाधान किया गया है। इस प्रकार दोनों चरणों में अब तक 2500 से अधिक प्रकरणों का सफल निराकरण किया गया है।
वहीं समाधान शिविरों में प्राप्त 861 आवेदनों में से 161 मामलों का निराकरण किया गया है। कलेक्टर ने शेष लंबित मामलों का निराकरण 10 जून तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में ऑटो डायवर्सन, अवैध प्लाटिंग, स्वामित्व योजना तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा पंचायत स्तर पर संचालित “पंचायत समाधान मंच” के माध्यम से अब तक 44 मामलों का सामुदायिक मध्यस्थता से समाधान किया जा चुका है।
भीषण गर्मी को देखते हुए कलेक्टर ने जनसहयोग एवं गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से चौक-चौराहों पर पेयजल, प्याऊ और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।