बसना : विकास या विनाश? बसना गौरव पथ पर गई फिर एक नागरिक की ज... - CG Sandesh

बसना : विकास या विनाश? बसना गौरव पथ पर गई फिर एक नागरिक की जान, लापरवाही पर उठे सवाल.

बसना नगर में 24 मई 2026 को अग्रवाल नर्सिंग होम मोड़ के पास गौरव पथ पर सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई.

मिली जानकारी के अनुसार बीते रविवार को दोपहर करीब 11:30 बजे बसना टिकरापारा के निवासी लखन लाल सिन्हा अपने घर जाने के लिए अग्रवाल नर्सिंग होम मोड़ के पास मुड़ रहे थे, इसी दौरान गलत दिशा से तेज एवं लापरवाही पूर्वक रायपुर की ओर से आ रही साईं बस क्रमांक CG 04 EA 0257 ने उन्हें ठोकर मार दी.

इस घटना से लखन लाल सिन्हा गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें ईलाज के लिए रायपुर ले जाया गया. वहीं इस घटना से सुबह से ही लोगों में रोष व्याप्त था, शाम होते होते करीब 7 बजे इस घटना में गंभीर रूप से घायल लखन लाल सिन्हा के मृत्यु की दुःखद खबर सामने आई.

इस घटना से नगर के लोगों में शोक व्याप्त हो गया, साथ ही लोगों के मन में कई तरह के प्रश्न उठने लगे. कि क्या शासन सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों के लिए गंभीर है?

बसना वार्ड क्रमांक 01 के पार्षद मनोज गड़ेवाल ने शोक व्याप्त करते हुए कहा कि लखन लाल सिन्हा जी की मृत्यु प्राकृतिक नही है. यह घटना नगर प्रशासन की गैर जिम्मेदार कार्यों के कारण हुआ है, बसना में बने गौरव पथ पर सुरक्षा मानकों का अनदेखा किया गया है. लेकिन इसपर नगर के किसी भी व्यक्ति ने एक शब्द भी नही कहा.

इसके साथ ही बसना नगर में आये दिन धार्मिक कार्यक्रमों में शासकीय सड़क नगर के मुख्य गौरवपथ को अवरोध कर दिया जाता है. जिसके चलते आवागमन बाधित होता है.

रविवार को हुए इस हादसे के दिन भी कीर्तन के चलते जनपद चौक के पास गौरव पथ को बाधित किया गया था, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नही किए गए थे. मानो यह गौरव पथ विकास नही विनाश लेकर आया है.

जहाँ कीर्तन हो रहा था वहाँ डायवर्सन किया गया था, परंतु उसके आगे कहीं भी डायवर्सन खत्म कर सही संकेतक नही लगाया गया था. लोग इसे भी हादसे की वजह बता रहे हैं.

आपको बता कि एक राष्ट्रीय अखबार के आँचलिक पन्ने में 14 मार्च 2026 को एक खबर प्रकाशित की गई थी, जिसमे यह बताया गया था कि 3 किलोमीटर के बने इस गौरवपथ में 30 ख़तरनाक क्रासिंग है, जिसकी वजह से दो महीने में 13 सड़क हादसे हो चुके हैं.

नगर के जनप्रतिनिधियों ने भी जगह-जगह बनी क्रॉसिंग को जानलेवा माना था, लेकिन इसके बावजूद इसे सुधारा नही गया क्योंकि कुछ जनप्रतिनिधियों का यह भी मानना था कि सड़क अच्छी बनी हैं हादसों एक बड़ा कारण चलाकों द्वारा नशे की हालत में गाड़ी चलाना भी है.

बसना नगर में बने इस गौरव पथ पर कई वाहन अनियंत्रित रफ़्तार में दौड़ाए जाते हैं, ख़ासकर नगर के अंदर से गुजरने वाली बसें, नगर के अंदर गुजरने वाली बसों पर गति का कोई भी लगाम नही है, ये बसें तेज प्रेसर हॉर्न के साथ बेलगाम रफ़्तार पर दौड़ती हैं, इनकी रफ़्तार पर प्रशासन का कोई नियंत्रण नही है. यहाँ तक कि कई बस चालक शराब पीकर भी बस चलाते हैं.

बीते कुछ दिनों में बसना नगर में ऐसे कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन पर कोई असर नही दिखाई देता, लोगों की सुरक्षा यहाँ भगवान भरोसे है.

लखन लाल सिन्हा विद्युत विभाग में पूर्व में लाइनमैन के पद पर थे, और फिर कलार समाज के संरक्षक होने के साथ और भी कई धार्मिक और सामाजिक पदों पर जुड़े थे, उनका आकस्मिक निधन समाज और नगर के लिए पीड़ादायक एवं ह्रदय विदारक है.


author

अविनाश नायक

मैं डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ और टेक-सैवी पत्रकार हूँ, जो पिछले 9 वर्षों से छत्तीसगढ़ सहित महासमुंद, सरायपाली, बसना और पिथौरा क्षेत्र की स्थानीय खबरों के साथ, देश-विदेश एवं शासकीय योजनायें, रोजगार अथवा बैंकिंग से सम्बंधित समाचार प्रकाशित करता हूँ। पत्रकारिता के साथ-साथ मुझे Windows VPS सर्वर, IIS कॉन्फ़िगरेशन, SQL सर्वर और MVC, .NET, C# जैसी एडवांस तकनीकों का गहरा व्यावहारिक अनुभव है. इसके पूर्व करीब 6 वर्ष तक का मेरा सॉफ्टवेयर, प्रोग्रामर के रूप में अनुभव रहा है.
अन्य सम्बंधित खबरें