गरज-चमक, तूफान और मूसलाधार बारिश से अंचल रहा बेहाल, पूरी रात अंधेरे में डूबा रहा बसना अनुविभाग
नौतपा की तपिश से मिली राहत, लेकिन बिजली, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवा ठप होने से बढ़ी मुश्किलें नौतपा की भीषण गर्मी से तप रहे बसना अंचल में शनिवार रात मौसम ने अचानक ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि लोगों को एक ओर गर्मी से राहत मिली तो दूसरी ओर शनिवार पूरी रात और रविवार दिन भर बिजली, ग्रामीण क्षेत्रों में संचार और इंटरनेट सेवाएं ठप होने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शनिवार रात लगभग साढ़े आठ बजे बसना नगर, भूकेल , भंवरपुर, गढ़फुलझर, पिरदा, भगतदेवरी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक घने बादल छा गए। देखते ही देखते तेज गर्जना, आसमानी बिजली और तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने पूरे क्षेत्र को भिगो दिया। खेतों में इतनी नमी भर गई कि कई किसानों का कहना है कि तत्काल खेतों में हल चलाना भी संभव नहीं होगा।
बारिश के साथ चल रही तेज हवाओं और तूफान ने कई स्थानों पर भारी नुकसान पहुंचाया। अनेक पेड़ जड़ समेत उखड़कर धराशायी हो गए, जबकि कई पेड़ बिजली के तारों पर गिर पड़े। सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हुई। जिसे बाद में हटाया गया।
लगातार कड़क रही बिजली और आसमान को चीरती चमक से लोग दहशत में आ गए। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले लगभग 20 वर्षों में पहली बार इतनी भीषण और लगातार एवं जोरदार बिजली कड़कने की घटनाएं देखने को मिली हैं। हालात ऐसे थे कि लोग भय के कारण घरों में ही दुबके रहे।
तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं का सबसे अधिक असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ा। सरायपाली 132 केवी उपकेंद्र से बसना की ओर आने वाली 33 केवी विद्युत लाइन में दो दर्जन से अधिक इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पूरा बसना अनुविभाग अंधेरे में डूब गया। रात करीब आठ बजे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। आपातकालीन सुधार कार्य के बाद रात करीब ढाई बजे बसना नगर के कुछ हिस्सों में बिजली बहाल हो सकी, जबकि अधिकांश शहरी क्षेत्र में सुबह चार बजे तक विद्युत आपूर्ति शुरू की गई।
जबकि पूरा ग्रामीण क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहा। दिन भर बिजली नहीं आई। रातभर बिजली गुल रहने से लोगों की परेशानियां और बढ़ गईं। बारिश थमने के बाद उमस और घुटन ने लोगों को बेहाल कर दिया। कई लोग घरों के बाहर बैठकर गमछे और हाथ के पंखों से हवा करते नजर आए। बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे अधिक परेशान रहे। बिजली संकट का असर दूरसंचार सेवाओं पर भी दिखाई दिया। क्षेत्र के अधिकांश मोबाइल टावरों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। पर्याप्त डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण कई टावरों के जनरेटर भी लंबे समय तक संचालित नहीं हो सके। परिणामस्वरूप शनिवार रात से रविवार दोपहर तक मोबाइल नेटवर्क लगभग ठप रहा। लोग कॉल तो लगा रहे थे, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा था। इंटरनेट सेवा भी बार-बार बाधित होती रही।
कभी नेटवर्क आता तो कुछ ही देर में गायब हो जाता। ऑनलाइन कार्य, डिजिटल भुगतान और सामान्य संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। रविवार शाम करीब 6 बजे विद्युत आपूर्ति सामान्य होने के बाद मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं भी धीरे-धीरे पटरी पर लौट सकीं। विद्युत व्यवस्था को बहाल करने के लिए बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरी रात तथा रविवार दिन भर लगातार मैदान में डटे रहे। क्षतिग्रस्त इंसुलेटरों को बदलने , टूटे तारों को जोड़ने और लाइन सुधारने का कार्य युद्धस्तर पर किया जाता रहा ।
विभागीय अमले की लगातार मेहनत के बाद अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकी। अभी भी कुछ गांवों में विद्युत व्यवस्था बहाल नहीं होने की जानकारी मिल रही है। इस बारिश ने नौतपा की झुलसाने वाली गर्मी से लोगों को राहत जरूर पहुंचाई है, लेकिन शनिवार रात का तूफानी मौसम बसना अंचल के लोगों के लिए लंबे समय तक यादगार बना रहेगा।