CG : IPL फाइनल मैच में लगा था करोड़ों का सट्टा, पुलिस ने किया भंडाफोड़, 32 लाख रुपये नकद के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़। आईपीएल फाइनल के रोमांच के बीच रायगढ़ जिले के खरसिया में एक ऐसा खेल चल रहा था, जिसमें बल्ले और गेंद से ज्यादा दांव रुपयों पर लगाए जा रहे थे। गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए IPL फाइनल मुकाबले पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे एक संगठित गिरोह का रायगढ़ पुलिस ने भंडाफाश किया है। कार्रवाई में करीब 32 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन और सट्टे के लिए इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
जिले में जुआ और सट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खरसिया के गंज बाजार क्षेत्र में कुछ लोग आईपीएल फाइनल मैच पर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना मिलते ही साइबर सेल और खरसिया चौकी की संयुक्त टीम ने योजना बनाकर दबिश दी।
दबिश में खुला सट्टे का बड़ा खेल
पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां ऑनलाइन माध्यम से सट्टा खिलाने का पूरा नेटवर्क संचालित होता मिला। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गंज बाजार निवासी गगन अग्रवाल (28 वर्ष) और शुभम अग्रवाल उर्फ कालू (30 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 31 लाख 99 हजार 700 रुपये नकद बरामद किए गए। बरामद राशि में 500, 200, 100 और 50 रुपये के नोट शामिल थे।
इतनी बड़ी मात्रा में नकदी की गिनती के लिए उपयोग की जा रही एक नोट गिनने की मशीन भी पुलिस ने जब्त की। इसके अलावा वनप्लस नॉर्ड और सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल फोन भी बरामद हुए, जिनमें सट्टा आईडी, लेन-देन और ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
फरार आरोपियों की तलाश तेज
जांच के दौरान पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों रिकेश राय, अर्जुन राठौर और साहिल अग्रवाल के नाम भी सामने आने पर उन्हें प्रकरण में आरोपी बनाया है। बताया जा रहा है कि दबिश के दौरान साहिल अग्रवाल मौके से फरार हो गया, हालांकि उसके घर से भी बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई है। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।
पहले भी सट्टे के मामलों में सामने आ चुका है नाम
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी गगन अग्रवाल का नाम पहले भी ऑनलाइन सट्टे से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र में लंबे समय से संगठित तरीके से सट्टा कारोबार संचालित किया जा रहा था। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल डेटा और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की भी जांच कर रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई
पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम ने दबिश देकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
कड़ी धाराओं में मामला दर्ज
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सट्टा कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में ऑनलाइन सट्टा और जुए के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। IPL फाइनल जैसे बड़े मैचों की आड़ में संचालित हो रहे सट्टा कारोबार पर इस कार्रवाई ने करारा प्रहार किया है।