जांजगीर-चांपा के खरौद के मुक्तिधाम की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, विकास कार्य ठप होने से लोगों में आक्रोश
जांजगीर-चांपा : धार्मिक नगरी खरौद के मंझापारा स्थित मुक्तिधाम को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नगरवासियों का आरोप है कि मुक्तिधाम के विस्तार और विकास के लिए प्रस्तावित लगभग 6 से 7 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा हो गया है, जिसके चलते वर्षों से लंबित जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मुक्तिधाम केवल अंतिम संस्कार का स्थान नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और भावनाओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्थल है। इसके बावजूद यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और प्रस्तावित विकास कार्य जमीन विवाद के कारण अधर में लटके हुए हैं।
नगरवासियों के अनुसार इस मामले को लेकर कई बार नगर पंचायत खरौद और राजस्व विभाग को शिकायतें एवं आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि प्रस्तावित भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए तो यहां वृक्षारोपण, सौंदर्यीकरण, शेड निर्माण और अन्य सुविधाओं का विकास किया जा सकता है, जिससे मुक्तिधाम का स्वरूप बेहतर होगा और भविष्य में लोगों को सुविधाएं मिल सकेंगी।
इधर, मंझापारा के नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। उनका कहना है कि मुक्तिधाम की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर विकास कार्य शुरू करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
अब सवाल यह है कि लोगों की लगातार उठ रही मांगों पर प्रशासन कब संज्ञान लेता है और मुक्तिधाम की प्रस्तावित भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।