सरायपाली : कलेक्टर के निर्देशों पर चुप्पी, मीडिया के सवालों के बाद बनी तीन सदस्यीय जांच समिति।
बीईओ कार्यालय सरायपाली में कथित फर्जी यात्रा देयक बनाकर शासकीय राशि के दुरुपयोग संबंधी शिकायत पर प्रकाशित समाचार का असर सामने आया है। लंबे समय से लंबित पड़े मामले में जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
जारी आदेश के अनुसार समिति 1 दिसंबर 2021 से जांच तिथि तक अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत यात्रा देयकों की जांच करेगी तथा प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी। शिकायतकर्ता विनोद कुमार दास ने आरोप लगाया था कि नियमों के विपरीत यात्रा देयक तैयार कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय द्वारा पूर्व में जांच के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन करीब डेढ़ वर्ष तक मामला फाइलों में दबा रहा।
मामले को 'सीजी संदेश न्यूज़' द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और जांच प्रक्रिया प्रारंभ की गई। अब जांच समिति की रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की संभावना भी बन सकती है। इससे लंबे समय से लंबित मामले में जवाबदेही तय होने की उम्मीद बढ़ गई है।