सरस्वती शिशु मंदिर बसना में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
सरस्वती शिशु मंदिर बसना में 20 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। सर्वप्रथम प्राचार्य श्री धनुजय साहू जी ने योग के महत्व को बताते हुए कहा कि योग एक प्राचीन भारतीय जीवन शैली और विज्ञान है। जो शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन को जोड़ता है। इसका शाब्दिक अर्थ है - मिलन।
योग शरीर को स्वस्थ मन को शांत और आत्मा को जागृत करने का एक अत्यंत प्रभावकारी माध्यम है। योग के आठ भाग हैं यम, नियम ,आसन ,प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा ,ध्यान ,और समाधि।आध्यात्मिक दृष्टि से इन नियमों का पालन करना चाहिए।
साथ ही तन मन को स्वास्थ्य और तंदुरुस्त रखने के लिए वरिष्ठ आचार्य अक्षय प्रधान और शशिकला दीदी जी ने ताड़ासन, वृक्षासन,तिष्ट योग, कपालभाति, अनुलोम विलोम, तथा शरीर संचालन संबंधी योग प्राणायाम करवाया। साथ में प्रेषित किया गया कि सबसे बड़ा धन स्वास्थ्य है। इसलिए प्रति दिन के लिए योग प्राणायाम आवश्यकता है इस महोत्सव को सफल बनाने में समस्त आचार्य, दीदीयो, भैया - बहनों एवं भृत्यों का विशेष सहयोग रहा।