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महासमुंद : प्राधिकरण का उद्देश्य सभी के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना ताकि आर्थिक या अन्य अक्षमताओं के कारण कोई भी न्याय से वंचित ना रहे:- एडीजे संघपुष्पा भतपहरी

छात्रावास के बच्चों को दी गई कानूनी जानकारी               

नालसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार जिलेे में विभिन्न जागरूकता विषयों पर अधारित सरल कानूनी शिक्षा के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया के मार्गदर्शन पर जिले एवं तालुका स्थित न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों एवं आरक्षी केन्द्रों में पदस्थ अधिकार मित्रों द्वारा विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। 

अधिकार मित्र हरिचंद साहू ने अपने विज्ञप्ति में बताया कि आज प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुश्री संघपुष्पा भतपहरी द्वारा स्थानीय मौहारी भाठा स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास पहुंचकर उपस्थित छात्राओं को कानून के विभिन्न विषयों जैसे बाल विवाह, बाल श्रम, दहेज, घरेलु हिंसा एवं महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों का सरल भाषा के माध्मय से कानूनी जानकारी प्रदान की गई।    

उक्त अवसर पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संघपुष्पा भतपहरी द्वारा छात्रावास के छात्राओं द्वारा उत्सुकता पूर्ण कानूनी सवालों का जवाब तलब कर सरल एवं सहजतापूर्ण सामान्य भाषा में कानून के सामान्य पहलुओं पर अवगत कराया गया तथा विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यो एवं दिए जाने वाली विधिक सहायता तथा सलाह के बारे में विस्तापूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि प्राधिकरण का उद्देश्य सभी के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना ताकि आर्थिक या अन्य अक्षमताओं के कारण कोई भी न्याय से वंचित रहे। 

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39 ए में सभी के लिए न्याय सुनिष्चित किया गया है और गरीबों तथा समाज के कमजोर वर्गो के लिए निःषुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था की गई है। सबके लिए समान अवसर एवं समानता के आधार पर समाज के कमजोर वर्गो को सक्षम विधिक सेवाए प्रदान करने के लिए एक तंत्र की स्थापना करने के लिए वर्ष 1987 में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम पारित किया गया। 

जिसके तहत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) का गठन किया गया है, जो कानूनी सहायता कार्यक्रम लागू करने और उसका मूल्यांकन एवं उनके सतत निगरानी का कार्य कर लोगों को कानूनी सहायता एवं सलाह उपलब्ध कराती है। इसी प्रकार प्रत्येक राज्य में एक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जिसके अंतर्गत उस राज्य के पूरे सभी जिलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा तहसील क्षेत्रों में तालुका विधिक सेवा समिति का गठन किया गया है। इसका कार्य नालसा की नीतियों और निर्देशो को कार्य रूप देना और लोंगो को निःशुल्क कानूनी सेवाए प्रदान कराना होता है।    


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अविनाश नायक

मैं डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ और टेक-सैवी पत्रकार हूँ, जो पिछले 9 वर्षों से छत्तीसगढ़ सहित महासमुंद, सरायपाली, बसना और पिथौरा क्षेत्र की स्थानीय खबरों के साथ, देश-विदेश एवं शासकीय योजनायें, रोजगार अथवा बैंकिंग से सम्बंधित समाचार प्रकाशित करता हूँ। पत्रकारिता के साथ-साथ मुझे Windows VPS सर्वर, IIS कॉन्फ़िगरेशन, SQL सर्वर और MVC, .NET, C# जैसी एडवांस तकनीकों का गहरा व्यावहारिक अनुभव है. इसके पूर्व करीब 6 वर्ष तक का मेरा सॉफ्टवेयर, प्रोग्रामर के रूप में अनुभव रहा है.
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