यात्रा देयक शिकायत ने बढ़ाई अधिकारियों की धड़कनें, वर्तमान एवं पूर्व बीईओ सहित चार अधिकारियों को जारी हुआ नोटिस
सरायपाली। कलेक्टर महासमुन्द के निर्देशो के बाबजूद यात्रा देयक से जुडी शिकायत पर कार्रवाई डेढ साल तक ठंडे बस्ते में पडा रहा। शिकायतकर्ता विनोद कुमार दास का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियो ने प्रकरण को जानबूझकर दबाए रखा था। मामला तब तूल पकडा जब मिडिया ने लगातार प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल उठाए। अब इस मामले में 03 जुलाई को विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सरायपाली कार्यालय में जांच की तिथि निर्धारित किया गया है।
डीईओ महासमुन्द के आदेश के उपरान्त जांचकर्ता अधिकारी ने नोटिस जारी करके तात्कालीन बीईओ प्रकाश चन्द्र मांझी, वर्तमान बीईओ टीकम चन्द्र पटेल, तात्कालीन लिपिक सूर्यकान्त मिश्रा एवं गोविन्द दास को जांच में उपस्थित होने के निर्देश दिए है। जिससे 1 दिसम्बर 2021 से जांच तिथि तक का यात्रा देयक संबंधी सभी मूल अभिलेखो का परीक्षण करके तथ्यात्मक जांच किया जाये।
गौरतलब है कि यात्रा देयक भुगतान में अनियमितता की शिकायत के बाद यह जांच शुरू की गई है। फिलहाल मूल दस्तावेजो के परीक्षण, संबधित पक्षो के बयान, अधिकारी-कर्मचारी की भूमिका और शासन के निर्धारित नियमो के आधार पर यात्रा देयक भत्ता भुगतान किया गया है अथवा नही, इसकी जांच किया जाना है।
सवाल यह है कि कलेक्टर के आदेश को डेढ साल तक नजर अंदाज करने की हिम्मत आखिर किसके संरक्षण में मिला। क्या दोषी अधिकारियो पर कार्रवाई होगा अथवा जांच सिर्फ कागजी औपचारिकता बनकर रह जाएगा। अब सभी की निगाहे 03 जुलाई की जांच पर टिका हुआ है।