महासमुंद : ग्राम जोरातराई के स्व-सहायता समूह की 19 महिला हितग्राहियों को पशुपालन एवं डेयरी प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण
आदिवासी विकास विभाग की विशेष केंद्रीय सहायता उपयोजना के अंतर्गत विकासखंड बागबाहरा के माडा ग्राम जोरातराई में स्व-सहायता समूह की 19 महिला हितग्राहियों को डेयरी इकाई स्वीकृत की गई है। इसी क्रम में 01 जुलाई 2026 को महिला हितग्राहियों के लिए पशुपालन एवं डेयरी प्रबंधन विषयक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने डेयरी प्रबंधन, पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य संरक्षण, पशु प्रजनन, चारा विकास एवं चारा संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। महिलाओं को पशुओं के उचित आवास, रख-रखाव, स्वच्छता एवं देखभाल के वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराया गया। साथ ही संतुलित आहार, हरे चारे के उपयोग तथा अधिक दूध उत्पादन के उपायों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान चारे की कमी से निपटने के लिए साइलेज एवं हे बनाने की विधि का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा वैकल्पिक पशु आहार के रूप में अजोला उत्पादन तथा पैरा के यूरिया उपचार की तकनीक का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए कृमिनाशक एवं जू-किलनी नाशक दवाओं के नियमित उपयोग तथा संक्रामक रोगों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण कराने की आवश्यकता पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
ग्राम जोरातराई में दुग्ध विपणन को बढ़ावा देने के लिए देवभोग दुग्ध सहकारी समिति के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 100 लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। इससे महिला पशुपालकों में डेयरी व्यवसाय के प्रति उत्साह बढ़ा है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अंजना नायडू, विषय विशेषज्ञ एवं प्रभारी प्राचार्य शासकीय पॉलीटेक्निक महासमुंद गोविना देवांगन, वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. आर. जी. यादव तथा डॉ. उपासना साहू सहित अन्य अधिकारी एवं पशुपालक महिलाएं उपस्थित रहीं।