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झमाझम बारिश से बसना अंचल में खेती ने पकड़ी रफ्तार, खल्लारी में बाढ में फसे मजदूरों को रेस्क्यू टीम ने निकला

खेत-खार में दिन-रात गरज रहे ट्रैक्टर

चार-पांच दिन की लगातार मानसूनी बारिश से किसानों के चेहरे खिले, नगर के बाजारों में घटी चहल-पहल

बसना अंचल में पिछले चार-पांच दिनों से हो रही लगातार झमाझम मानसूनी बारिश ने खेती-किसानी को पूरी रफ्तार दे दी है। रविवार 5 जुलाई की सुबह से ही तेज बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे खेत-खार में पर्याप्त पानी भर गया। लगातार हो रही वर्षा के कारण अब पूरे क्षेत्र में लाई-चोपी पद्धति से धान बोनी का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। खेतों की जुताई, कीचड़ मताई और बोनी के लिए ट्रैक्टर दिन-रात खेतों में जुटे हुए हैं। चारों ओर ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट सुनाई दे रही है और किसानों के चेहरों पर लंबे इंतजार के बाद खुलकर खुशी दिखाई दे रही है।

पिछले कुछ दिनों से मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। 3 और 4 जुलाई को सुबह लगभग 10 बजे से दोपहर तक मौसम कुछ समय के लिए साफ जरूर रहा, लेकिन शाम होते ही फिर झड़ी जैसी बारिश शुरू हो गई, जो रात तक रुक-रुककर जारी रही। 

लगातार हो रही इस व्यापक वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी और पानी उपलब्ध हो गया है, जिससे धान की बोनी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। बसना क्षेत्र के अधिकांश गांवों में धान की खेती लाई-चोपी पद्धति से की जाती है। 

पहले किसान सीमित संसाधनों के तहत बोरवेल के सहारे खेतों में पानी पहुंचा रहे थे, लेकिन अब प्राकृतिक वर्षा ने उनकी चिंता काफी हद तक दूर कर दी है। लगातार बारिश और खेतों में भरपूर पानी मिलने से कीचड़ तैयार करने में आसानी हो रही है, जिससे धान बोनी का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। चार-पांच दिन की लगातार मानसूनी बारिश ने किसानों के बीच पिछले दिनों अल नीनो के संभावित दुष्प्रभाव को लेकर बनी चिंता को फिलहाल पूरी तरह पीछे छोड़ दिया है। 

किसान अब मौसम की आशंकाओं से अधिक खेती-किसानी में व्यस्त नजर आ रहे हैं। खेतों में दिनभर ट्रैक्टर और कृषि यंत्र चलते दिखाई दे रहे हैं, जबकि किसान और मजदूर पूरी तन्मयता से धान बोनी में जुटे हैं। लगातार खेती के कार्यों में व्यस्तता और रोज हो रही झड़ी बारिश का असर बसना नगर के बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गांवों से प्रतिदिन आने वाले किसान और मजदूर अब खेतों में ही व्यस्त हैं, जिससे नगर की सड़कों और बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में चहल-पहल कम हो गई है। कई दुकानों के कारोबार पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। 

हालांकि खेती-किसानी के मौसम, विशेषकर बरसात के दिनों में बसना नगर में हर वर्ष ऐसा ही माहौल देखने को मिलता है। वहीं, बसना विकासखंड के बड़े साजापाली क्षेत्र सहित खुर्रा बोनी करने वाले गांवों में पहले से अंकुरित हो चुकी धान की फसल को भी लगातार बारिश का भरपूर लाभ मिल रहा है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी मानसून इसी तरह सक्रिय बना रहा तो इस वर्ष धान की फसल अच्छी होने और बेहतर उत्पादन मिलने की उम्मीद और मजबूत होगी।

खल्लारी में बाढ में फसे मजदूरों को रेस्क्यू टीम ने निकला

वहीँ जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष से ग्राम जोगी दीपा थाना खल्लारी में पुलिया निर्माण में लगे मजदूरों के बाढ में फसे होने की सूचना मिलने पर नगर सेना के रेस्क्यू टीम को तत्काल रवाना किया गया । रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँच कर बाढ़ में फसे 10 पुरुष एवं 04 महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया ।



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सी. डी. बघेल

वरिष्ठ पत्रकार सी.डी. बघेल जी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 35 से अधिक वर्षों का लंबा और गौरवशाली अनुभव है। 1990 के दौर से लगातार निष्पक्ष एवं खोजी पत्रकारिता कर रहे सी.डी. बघेल जी बसना एवं पिथौरा क्षेत्र के स्थानीय मुद्दों और आम जनता के हक की आवाज़ को जमीनी स्तर से उठाने के लिए जाने जाते हैं। तीन दशकों से अधिक की विश्वसनीय रिपोर्टिंग के जरिए उन्होंने पाठकों के बीच एक अटूट विश्वास कमाया है। संपर्क: +91 99770 03756
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