रायपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा में नेता प्रतिपक्ष का हमला, महापौर को बताया 'फेल'
रायपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार और महापौर की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार है, रायपुर में भाजपा के चार विधायक, एक सांसद, नगर निगम में 60 पार्षद, 11 एल्डरमैन और स्वयं महापौर भी भाजपा की हैं। इसके बावजूद यदि मूलभूत सुविधाओं के मुद्दे पर विशेष सामान्य सभा बुलानी पड़ रही है, तो यह महापौर की सबसे बड़ी विफलता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम अपने बुनियादी दायित्वों का निर्वहन करने में पूरी तरह असफल साबित हुआ है।
जलभराव के मुद्दे पर सरकार और निगम को घेरा
आकाश तिवारी ने हालिया बारिश के दौरान राजधानी रायपुर में हुए जलभराव का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने शहर के प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित जलभराव की खबरों का संकलन सदन में प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह भाजपा सरकार के "सुशासन" की वास्तविक तस्वीर है। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद राजधानी की सड़कों और कॉलोनियों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन नगर निगम प्रभावी व्यवस्था करने में नाकाम रहा।
220 करोड़ के ड्रेनेज प्रोजेक्ट और जल बोर्ड पर मांगा जवाब
नेता प्रतिपक्ष ने जल बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर जल बोर्ड है कहां और उसकी जवाबदेही क्या है। उन्होंने 220 करोड़ रुपये की ड्रेनेज परियोजना की वर्तमान स्थिति, राशि की उपलब्धता और कार्य योजना की जानकारी सदन में मांगी। उनका कहना था कि जब तक ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक हर बारिश में राजधानी जलभराव की समस्या से जूझती रहेगी।
नालों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सार्वजनिक करने की मांग
आकाश तिवारी ने शहर के नालों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने नगर निगम से पूछा कि पिछले डेढ़ वर्षों में 70 वार्डों में अतिक्रमण हटाने के लिए कितनी कार्रवाई की गई। उन्होंने इस संबंध में पूरी सूची सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि नालों पर कब्जों के कारण जल निकासी प्रभावित हो रही है, लेकिन निगम प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा।
रामकी कंपनी और यूजर चार्ज बढ़ाने पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कचरा संग्रहण व्यवस्था को लेकर भी निगम प्रशासन को घेरा। उन्होंने कहा कि यदि रामकी कंपनी नियमित रूप से कचरा नहीं उठा रही है और स्वयं भाजपा के पार्षद भी इस बात की पुष्टि कर रहे हैं, तो फिर यूजर चार्ज बढ़ाने का फैसला किस आधार पर लिया गया। उन्होंने कहा कि खराब सेवाएं देने के बावजूद जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि रायपुर की जनता इस निर्णय का जवाब चाहती है।