बसना : रायपुर में किया वादा निभाने बेलटीकरी में किसान के खेत पहुंचे वित्त मंत्री ओपी चौधरी
बेलटीकरी में युवा किसान वेद प्रकाश पटेल की आधुनिक खेती का किया अवलोकन
मक्का, सरसों और कम अवधि वाली धान की खेती को बताया किसानों के लिए लाभकारी मॉडल
जनप्रतिनिधि की पहचान केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि उन्हें निभाने से होती है। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसका उदाहरण प्रस्तुत करते हुए रायपुर में एक युवा किसान से किया अपना वादा निभाया और 6 जुलाई सोमवार को दोपहर 1:30 बजे बसना विकासखंड के भंवरपुर क्षेत्र के वनांचल ग्राम बेलटीकरी पहुंचकर प्रगतिशील किसान वेद प्रकाश पटेल की आधुनिक खेती का अवलोकन किया। खेत में पहुंचकर उन्होंने मक्का की फसल देखी, खेती की नई तकनीकों की जानकारी ली और किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण को समय की आवश्यकता बताया।
करीब 29 वर्षीय वेद प्रकाश पटेल सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के बजाय खेती को अपना पेशा बना चुके हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक सोच के साथ खेती कर वे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनकी पहल से आसपास के अनेक किसान भी पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक नई तकनीकों और लाभकारी फसल चक्र को अपनाने लगे हैं।
मार्च माह में रायपुर में अपने निवास से विधानसभा जाते समय वित्त मंत्री ओपी चौधरी की मुलाकात वेद प्रकाश पटेल से हुई थी।
उस दौरान कार में दोनों के बीच आधुनिक खेती को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बातचीत के दौरान वेद प्रकाश पटेल ने उन्हें अपने गांव आने का आग्रह किया था, जिस पर वित्त मंत्री ने अवसर मिलने पर बेलटीकरी आने का वादा किया था। सोमवार को उन्होंने उसी वादे को निभाते हुए सीधे किसान के खेत पहुंचकर अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। वित्त मंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही गांव में उत्साह का माहौल बन गया।
भाजपा मंडल भंवरपुर के अध्यक्ष डेविड चौधरी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने गांव के प्रवेश द्वार पर उनका आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद वे कुछ समय डेविड चौधरी के निवास पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों से चर्चा एवं स्वल्पाहार के बाद सीधे वेद प्रकाश पटेल के खेत पहुंचे। खेत में तीन एकड़ में लगी स्वीट कॉर्न (मीठा मक्का) की फसल का निरीक्षण करते हुए वित्त मंत्री ने उत्पादन, लागत और खेती की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली।
पिछले चार-पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण खेत में जलभराव देखकर उन्होंने कहा कि मक्का की अच्छी पैदावार के लिए पानी की शीघ्र निकासी आवश्यक है। इस पर वेद प्रकाश पटेल ने बताया कि लगातार बारिश के कारण यह स्थिति बनी है और मजदूरों की सहायता से खेत से पानी निकालने का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिस खेत में वर्तमान में मक्का की फसल लगी है, उसी खेत में गर्मी के मौसम में धान के स्थान पर सरसों की खेती की गई थी, जिससे अपेक्षा से अधिक उत्पादन प्राप्त हुआ। इस सफलता से गांव के किसानों का उत्साह बढ़ा है और आगामी सीजन में सरसों की खेती का रकबा दोगुना करने की योजना बनाई गई है।
युवा किसान की वैज्ञानिक सोच, खेती की तकनीकी जानकारी और फसल प्रबंधन की कार्यशैली से वित्त मंत्री ओपी चौधरी काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रगतिशील किसान प्रदेश की कृषि व्यवस्था के लिए प्रेरणास्रोत हैं। आधुनिक तकनीक, फसल विविधीकरण और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान कम लागत में अधिक आय अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे किसानों के अनुभव अन्य किसानों तक पहुंचने चाहिए ताकि प्रदेश में कृषि के नए मॉडल विकसित हो सकें।
खेत पहुंचने से पहले वित्त मंत्री वेद प्रकाश पटेल के घर भी पहुंचे। वहां परिसर में लगे लीची के पौधे को देखकर उन्होंने फलोत्पादन पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि उनके स्वयं के फार्म हाउस में भी लगभग 400 लीची के पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बागवानी और विविधीकृत खेती अपनाने की भी सलाह दी।
वित्त मंत्री के बेलटीकरी प्रवास के दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष डेविड चौधरी, भाजपा किसान मोर्चा के कांता प्रसाद पटेल, किसान चिन्तामणी पटेल, रामनाथ पटेल, चुड़ामणी चौधरी, शिशुपाल पटेल, भगत राम पटेल सहित भाजपा कार्यकर्ता, बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण उपस्थित थे। पूरे दौरे में आधुनिक खेती, कृषि नवाचार और किसानों की आय बढ़ाने के उपाय प्रमुख चर्चा का विषय बने रहे।
90 दिन की धान की किस्में बढ़ा रही किसानों की आमदनी
प्रगतिशील किसान वेद प्रकाश पटेल ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी को बताया कि क्षेत्र में सामान्यतः 120 से 125 दिन अवधि वाली धान की खेती की जाती है, जिससे रबी फसल लेने में विलंब होता है। इसे देखते हुए उन्होंने इस वर्ष 90 दिन में तैयार होने वाली पीआर-126 एवं पूसा-2090 किस्मों को अपनाया है। इन दोनों किस्मों से 30 से 32 क्विंटल प्रति एकड़ तक उत्पादन प्राप्त हो रहा है। अक्टूबर में धान की कटाई हो जाने से किसान रबी मौसम में दो अतिरिक्त फसल लेकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। वेद प्रकाश पटेल का कहना है कि कम अवधि वाली उन्नत धान की किस्में किसानों के लिए लाभ का नया रास्ता खोल रही हैं और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।