जिला प्रशासन की अनूठी पहल ‘‘लक्ष्य महासमुंद’’ से संवरेगा नौनिहालों का भविष्य
- नवोदय सैनिक और प्रयास स्कूलों में दाखिले के लिए बच्चों को मिलेगी मुफ्त कोचिंग
- शासकीय स्कूल के बच्चों को मिलेगा समान अवसर
- कलेक्टर की विशेष निगरानी में जिला प्रशासन कराएगा विशेष कोचिंग
- रटने के बजाय समझने की शक्ति विकसित करने का लक्ष्य
- लक्ष्य महासमुंद के तहत कोचिंग कक्षाओं का संचालन 20 जुलाई से प्रारंभ
अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती, लेकिन सही मार्गदर्शन, कोचिंग और संसाधनों के अभाव में वे नवोदय, सैनिक स्कूल या प्रयास जैसे बेहतरीन संस्थानों की चयन परीक्षा पास करने से चूक जाते हैं। निजी कोचिंग संस्थानों की फीस इतनी अधिक होती है कि गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार उसे वहन नहीं कर पाते। इसी खाई को पाटने और जिले के बच्चों का भविष्य संवारने के लिए ‘‘लक्ष्य महासमुंद’ कार्यक्रम का खाका तैयार किया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत कोचिंग का लाभ उठाने कक्षा पांचवीं और आठवीं के सभी बच्चों को लिया जाएगा, जिन्हें ‘‘लक्ष्य महासमुंद’’ के तहत अनुभवी शिक्षकों द्वारा विशेष प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाएगा। जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने बताया कि चयनित बच्चों को प्रवेश परीक्षा के पैटर्न के आधार पर मानसिक योग्यता, गणित, भाषा और सामान्य ज्ञान की गहन तैयारी कराई जाएगी। इसके लिए समय-समय पर मॉक टेस्ट भी लिए जाएंगे ताकि बच्चे मुख्य परीक्षा के माहौल से परिचित हो सकें और उनका आत्मविश्वास बढ़ सके।
लक्ष्य महासमुंद के तहत कोचिंग कक्षाओं का संचालन 20 जुलाई से प्रारंभ किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में डाइट प्राचार्य अरुण प्रधान, सहायक कार्यक्रम समन्वयक संपा बोस, श्री सुबोध कुमार तिवारी, मास्टर ट्रेनर्स अमित उईके, भोजराज प्रधान, सुरेश साहू, दयासागर नायक, राजाराम पटेल, घनश्याम यादव एवं ओमप्रकाश साव उपस्थित रहे
सीईओ हेमंत नंदनवार ने कहा कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को तराशना हमारा मुख्य लक्ष्य है। ‘‘लक्ष्य महासमुंद’’ कार्यक्रम के माध्यम से संसाधन की कमी वाले परिवार के बच्चों को हर संभव मदद और सर्वश्रेष्ठ कोचिंग उपलब्ध कराया जाएगा।