महासमुंद : कलेक्टर लंगेह ने राइस मिलर्स की बैठक लेकर 10 प्रतिशत ब्रोकन राइस जमा करने के दिए निर्देश
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज शाम जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के राइस मिलर्स को 10 प्रतिशत ब्रोकन राइस जमा करने के संबंध में बैठक लेकर समीक्षा की। बैठक में मार्कफेड रायपुर के महाप्रबंधक कैलाश वर्मा, एफसीआई, नान, जिला विपणन अधिकारी, खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग के अधिकारी एवं जिले के राइस मिलर्स संघ के अध्यक्ष नरेश जैन सहित अन्य मिलर्स उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने बताया कि केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली और कल्याणकारी योजनाओं के लिए चावल की गुणवत्ता के मानकों में बदलाव किया है। नई नीति के तहत, चावल मिलों से लिए जाने वाले कस्टम मिल्ड राइस में टूटे हुए दानों की अधिकतम सीमा 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है।
मिलर्स के लिए मुख्य नियम ब्रोकन राइस पॉलिसी नया मानक (10 प्रतिशत ब्रोकन) चावल मिलों को अब भारतीय खाद्य निगम को केवल उच्च गुणवत्ता वाला चावल सप्लाई करना होगा। इस गुणवत्ता वाले चावल में टूटे हुए दानों (ब्रोकन राइस) की मात्रा 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। चरणबद्ध कार्यान्वयन, गुणवत्ता में सुधार और बेहतर अनाज वितरण सुनिश्चित करने के लिए, इस 10 प्रतिशत ब्रोकन चावल की नीति को लागू किया जा रहा है, जो 2027-28 तक सभी राज्यों में पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगी।
इस संबंध में जिले के राइस मिलर्स को निर्देशों के अनुपालन में चावल जमा करने के निर्देश दिए गए। विस्तृत चर्चा के पश्चात राइस मिलर्स 10 प्रतिशत चावल जमा करने के लिए सहमत हुए। ज्ञात है कि जिले में 65 हजार मीट्रिक टन ब्रोकन राइस जमा करने का लक्ष्य रखा गया है।