नकटी गांव में मकान तोड़ने के मामले में कलेक्टर-एसडीएम समेत अधिकारियों पर एफआईआर की मांग, माना थाना पहुंचा पीड़ितों का प्रदर्शन
रायपुर : नकटी गांव में भारी बारिश के दौरान 85 गरीब परिवारों के मकान तोड़े जाने के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। गुरुवार को प्रभावित परिवार बड़ी संख्या में माना थाना पहुंचे और तत्कालीन कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार समेत कार्रवाई में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर लिखित शिकायत सौंपी। इस दौरान थाना परिसर के बाहर पीड़ितों ने जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की।
प्रदर्शन को जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण और शहर जिला कांग्रेस कमेटी का समर्थन मिला। पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू की मौजूदगी में जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण के अध्यक्ष राजेंद्र 'पप्पू' बंजारे, शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पीड़ित परिवारों के साथ थाना पहुंचे।
गांव छोड़ने से किया इनकार
प्रभावित परिवारों ने साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर नया रायपुर नहीं जाएंगे। उनका कहना है कि वे वर्षों से नकटी गांव में रह रहे हैं और उन्हें जबरन बेदखल किया गया। ग्रामीणों ने अपने मूल गांव में ही सम्मानजनक पुनर्वास की मांग की।
अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
पीड़ितों द्वारा सीएसपी लंबोदर पटेल और थाना प्रभारी को सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया गया कि प्रशासन ने भारी बारिश के बीच अमानवीय तरीके से मकानों को ध्वस्त कर दिया, जिससे दर्जनों परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। कार्रवाई के दौरान घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और अन्य जरूरी सामग्री भी नष्ट होने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया कि मलबे में गाय और बछड़े दब गए, जिससे उनकी मौत और गंभीर क्षति हुई। शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में पशु क्रूरता से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत भी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान भी तोड़े जाने का आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों को भी बिना संवेदनशीलता के ध्वस्त कर दिया गया। उनका कहना है कि यदि प्रशासनिक कार्रवाई आवश्यक थी तो उसे मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए किया जाना चाहिए था, न कि बारिश के बीच गरीब परिवारों को बेघर कर।
पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन
सीएसपी लंबोदर पटेल और माना थाना प्रभारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि शिकायत को विधिवत दर्ज कर नियमानुसार जांच की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू, राजेंद्र 'पप्पू' बंजारे और शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन समेत कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो प्रभावित परिवार न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। कांग्रेस ने भी इस मामले में पीड़ितों के साथ खड़े रहने और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी।