बिलासपुर बाल सुधार गृह हत्याकांड: चौकीदार की हत्या के बाद परिजनों का प्रदर्शन, 12 सूत्रीय मांगों पर अड़े
बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित बाल सुधार गृह में चौकीदार नरेंद्र खांडे की हत्या के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। घटना के विरोध में परिजनों ने बाल सुधार गृह के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजन न्याय और अपनी मांगों के पूरा होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
आक्रोशित परिजनों ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार कर दिया और स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासन ठोस निर्णय नहीं लेता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
परिजनों ने प्रशासन को 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, एक आश्रित को सरकारी नौकरी, परिवार के भरण-पोषण की व्यवस्था, मामले की उच्च स्तरीय जांच तथा घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही उन्होंने घटना में शामिल चार नाबालिग आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने और बाल सुधार गृह के प्रबंधन की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
फरार आरोपियों को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद चारों नाबालिग आरोपी बाल सुधार गृह से फरार हो गए थे, जिससे संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बाद आरोपियों का फरार हो जाना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
फिलहाल मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।