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बिलासपुर में मूसलाधार बारिश का कहर: रेलवे ट्रैक जलमग्न, पांच मेमू ट्रेनें रद्द, हाईवे पर राखड़-कीचड़ से जनजीवन बेहाल

बिलासपुर : लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बिलासपुर में जनजीवन के साथ-साथ रेल और सड़क यातायात को भी बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। एक ओर रेलवे स्टेशन और यार्ड में जलभराव के कारण कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है, वहीं दूसरी ओर निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर राखड़ और कीचड़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यात्रियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रेलवे ट्रैक और प्लेटफॉर्म पर भरा पानी, पांच मेमू ट्रेनें रद्द

लगातार बारिश के चलते बिलासपुर रेलवे स्टेशन और यार्ड के कई ट्रैक व प्लेटफॉर्म जलमग्न हो गए हैं। ट्रैक पर पानी भर जाने से ट्रेनों का सुरक्षित संचालन प्रभावित हुआ है। रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र कई स्थानों पर ट्रेनों की गति कम कर दी है, जबकि कुछ ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह रद्द करना पड़ा।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार, बिलासपुर-कोरबा, कोरबा-बिलासपुर, बिलासपुर-रायपुर और रायपुर-बिलासपुर रूट की कुल पांच मेमू ट्रेनों को रद्द किया गया है। इसके अलावा रायगढ़-बिलासपुर मेमू को चांपा स्टेशन पर समाप्त किया गया, बिलासपुर-रायगढ़ मेमू का संचालन चांपा से शुरू किया गया, जबकि रायपुर-बिलासपुर मेमू को दाधापारा से वापस रायपुर रवाना किया गया।

रेलवे की इंजीनियरिंग और तकनीकी टीमें ट्रैक और स्टेशन यार्ड से पानी निकालने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर सामान्य होते ही रेल सेवाएं बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।

यात्रियों से अपील

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए स्टेशन आने से पहले अपनी ट्रेन का वर्तमान स्टेटस अवश्य जांच लें, क्योंकि मौसम के अनुसार ट्रेन संचालन में बदलाव संभव है।

निर्माणाधीन हाईवे बना मुसीबत, राखड़ और कीचड़ में फंसी सड़क

बारिश का असर केवल रेलवे तक सीमित नहीं है। बिलासपुर के ढेंका गांव के पास निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर ठेकेदार की लापरवाही लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, डायवर्जन मार्ग पर बिना तकनीकी तैयारी के राखड़ (फ्लाई ऐश) डाल दिया गया था। लगातार बारिश के बाद यही राखड़ कीचड़ और दलदल में बदल गई है। हालत यह है कि दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं, भारी वाहन कीचड़ में फंस रहे हैं और घंटों तक जाम की स्थिति बनी रहती है।

ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी

ढेंका क्षेत्र से गुजरने वाले इस मार्ग पर रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चे, कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने के बजाय केवल खानापूर्ति की, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति से संबंधित विभाग और अधिकारी भली-भांति अवगत हैं, लेकिन अब तक समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।

गुणवत्ता पर उठे सवाल

लगातार बारिश के बीच रेलवे में जलभराव और निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाल स्थिति ने प्रशासनिक तैयारियों और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर रेल यात्री ट्रेनें रद्द होने और देरी से चलने से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर हाईवे पर कीचड़ और जाम लोगों के लिए रोजाना की मुश्किल बन गया है। स्थानीय लोगों ने जल्द जलनिकासी की व्यवस्था और सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुधारने की मांग की है।



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