महासमुंद : हरी खाद ढेंचा अपनाकर कृषक प्रफुल्ल साहू ने बढ़ाई मिट्टी की उर्वरता, अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा
विकासखण्ड बसना के ग्राम दूधीपाली के प्रगतिशील कृषक प्रफुल्ल साहू ने खरीफ मौसम से पूर्व अपने खेत में हरी खाद ढेंचा की खेती कर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने की दिशा में सराहनीय पहल की है।
साहू ने कृषि विभाग के मार्गदर्शन में में अपने 25 एकड़ खते में ढेंचा की बुवाई की।
लगभग 45-50 दिन बाद ढेंचा की फसल को खेत में पलटकर हरी खाद के रूप में उपयोग किया गया। इससे खेत में पर्याप्त जैविक पदार्थ एवं नाइट्रोजन की उपलब्धता बढ़ी, मिट्टी की संरचना में सुधार हुआ तथा आगामी फसल के लिए भूमि अधिक उपजाऊ हो गई है।
कृषक प्रफुल्ल साहू ने बताया कि हरी खाद के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है, मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ती है तथा फसल की बेहतर वृद्धि में सहायता मिलती है। उन्होंने अन्य किसानों से भी अपने खेतों में ढेंचा जैसी हरी खाद का उपयोग करने की अपील की।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हरी खाद का प्रयोग टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने का प्रभावी उपाय है। इससे भूमि की उर्वराशक्ति लंबे समय तक बनी रहती है और उत्पादन लागत में भी कमी आती है। विभाग किसानों को हरी खाद अपनाने के लिए लगातार प्रेरित एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है।