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कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, महासमुंद में खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन विषय पर प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम आयोजित

कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, महासमुंद में निटकॉन लिमिटेड (NITCON Ltd.) के तत्वाधान में "खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन (Food Processing and Value Addition)” विषय पर प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को खाद्य प्रसंस्करण, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा कृषि आधारित उद्यमिता के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों एवं व्यावहारिक जानकारी से अवगत कराना था। निटकॉन लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक परवीन भार्गव ने अपने उद्बोधन में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की वर्तमान संभावनाओं, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा उद्यमिता विकास की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि वर्तमान समय में उपभोक्ताओं की बदलती मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं मूल्य संवर्धित खाद्य उत्पादों का बाजार तेजी से विकसित हो रहा है।

उन्होंने कृषि उत्पादों को स्थानीय स्तर पर प्रसंस्कृत कर सफल उद्यम स्थापित करने के लिए प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. संदीप भंडारकर ने की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने का प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को कृषि उत्पादों के वैज्ञानिक प्रसंस्करण, गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग एवं आधुनिक विपणन प्रणाली को अपनाकर कृषि आधारित उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि फल, सब्जियों, अनाज तथा अन्य कृषि उत्पादों के वैज्ञानिक प्रसंस्करण से उनकी गुणवत्ता एवं शेल्फ लाइफ में वृद्धि होती है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त होने के साथ अतिरिक्त आय अर्जित करने के अवसर भी मिलते हैं। 

उन्होंने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को युवाओं एवं कृषकों के कौशल विकास तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापकों द्वारा विभिन्न विषयों पर तकनीकी व्याख्यान एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को खाद्य प्रसंस्करण, कृषि उद्यमिता, मूल्य संवर्धन, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा कृषि व्यवसाय से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। 

प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को विषय की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दोनों प्रकार की जानकारी उपलब्ध कराई गई। प्रशिक्षण के उपरांत प्रशिक्षणार्थियों को महाविद्यालय स्थित मशरूम उत्पादन इकाई, उद्यानिकी नर्सरी तथा महाविद्यालयीन प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया गया। इस अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न इकाइयों की कार्यप्रणाली, उत्पादन तकनीकों, प्रबंधन प्रणाली तथा कृषि आधारित उद्यमों के सफल संचालन के संबंध में विस्तृत व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षणार्थियों ने इन इकाइयों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर व्यवहारिक अनुभव प्राप्त किया तथा कृषि आधारित स्वरोजगार की संभावनाओं को निकटता से समझा। 

इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. पी.सी. चौरसिया, डॉ. आदित्य सिरमौर, डॉ. ओकेश चंद्राकर, डॉ. निर्मला भारती पटेल, डॉ. ऋचा चौधरी एवं डॉ. सुबोध कुमार प्रधान सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी तथा निटकॉन लिमिटेड की ओर से सीनियर मैनेजर सिमरन सिंह, काउंसलर  सी. आर. तांडेकर तथा ट्रेनर दीपिका तांडेकर ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए प्रशिक्षण के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक  कोमल गंभीर द्वारा प्रभावी एवं सुव्यवस्थित रूप से किया गया। प्रशिक्षण एवं भ्रमण में प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं रोजगारोन्मुखी बताया।

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