महासमुंद : बाढ़ में फंसे लोगों का किया गया रेस्क्यू - CG Sandesh

महासमुंद : बाढ़ में फंसे लोगों का किया गया रेस्क्यू

महासमुंद जिले में पिछले एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। जिले में एक जून से अब तक 720.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। सोनदूर डैम से पैरी और महानदी में पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने महानदी किनारे बसे ढाई दर्जन से अधिक गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। 

इसी बीच बम्हनी गांव के पास सितली नाला में फंसे दो मजदूरों का एवं गढ़सिवनी में खेत में बने पंप हाउस में महानदी पानी से घिरे एक व्यक्ति को बाढ़ बचाव दल ने सफल रेस्क्यू किया। वहीं खेमड़ा पुल बह जाने से पांच गांवों का संपर्क भी टूट गया है। 

लगातार हो रही बारिश के चलते सुबह बाढ़ कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि बम्हनी गांव के सितली नाला का जलस्तर बढ़ने से नाले के किनारे स्थित एक फर्शी उद्योग में रात से रुके दो मजदूर बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन का 15 सदस्यीय बाढ़ बचाव दल नाव और आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचा। रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित तरीके से दोनों मजदूरों संतोष साहू और दुकालु निषाद को बाहर निकालकर उनके घर रवाना किया। 

दोनों मजदूर गरियाबंद जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। समय रहते किए गए इस रेस्क्यू से एक बड़ा हादसा टल गया। दूसरी घटना गढ़सिवनी की है जहां रायपुर निवासी महेन्द्र टण्डन उम्र 41 वर्ष गढ़सिवनी के खेत में बने पंप हाउस में रात्रि रुके थे और आज सुबह अचानक महानदी का जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास खेत पानी में डूब गया । जिसमे महेन्द्र फंस गये । सूचना पर 15 सदस्यीय टीम यहां पर भी पहुंचकर रेस्क्यू करते हुवे महेन्द्र को सुरक्षित बाहर निकाला ।  

इधर लगातार बारिश के कारण खेमड़ा पुल क्षतिग्रस्त होकर बह गया है, जिससे आसपास के पांच गांवों का संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। 

गौरतलब है कि कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें। किसी भी पुल या पुलिया पर पानी चढ़ा हो तो उसे पार करने का प्रयास न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।

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