20 साल बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सड़क निर्माण की मांग पर महाचक्का जाम
रायगढ़: लैलूंगा केशला–तोलगे सड़क के निर्माण की मांग को लेकर शनिवार को लैलूंगा क्षेत्र में हजारों ग्रामीणों ने ऐतिहासिक महाचक्का जाम किया। केशला–तोलगे सड़क संघर्ष समिति के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में करीब 15 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण, किसान, महिलाएं, युवा, व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। घरघोड़ा–लैलूंगा मुख्य मार्ग के केशला मोड़ पर शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से प्रदर्शन किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 20 वर्षों से सड़क की बदहाल स्थिति के कारण बरसात में आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और व्यापारियों पर पड़ रहा है। कई बार ज्ञापन और मांग पत्र देने के बावजूद सड़क निर्माण नहीं होने पर लोगों ने लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन का रास्ता अपनाया।
आंदोलन के दौरान कीर्तन मंडलियों, भजन मंडलियों और लोक कलाकारों ने गीत-भजनों के जरिए सड़क निर्माण की मांग उठाई। महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी भी देखने को मिली।
महाचक्का जाम के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने संघर्ष समिति को लिखित आश्वासन दिया। विभाग ने बताया कि उरबा–तोलगे मार्ग की 14.60 किलोमीटर सड़क की विशेष मरम्मत के लिए 19.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। टेंडर प्रक्रिया जारी है और 15 अक्टूबर 2026 से मरम्मत कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 15 अगस्त तक पैच मरम्मत कर सड़क को आवागमन योग्य बनाने की बात कही गई।
इसके अलावा उरबा–तमनार मार्ग के स्थायी निर्माण के लिए 74.47 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 15 अक्टूबर 2027 से स्थायी निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है।
संघर्ष समिति ने इसे क्षेत्र की जनता की एकजुटता और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यदि आश्वासन के अनुसार काम शुरू नहीं हुआ तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।