महासमुंद : केना समिति में 1.77 करोड़ के KCC लोन घोटाले में तोरेसिंहा शाखा से जुड़े 5 बैंक कर्मचारी व अधिकारी निलंबित
महासमुंद जिले के तोरेसिंहा शाखा के अधीन 'केना सेवा सहकारी समिति' में हुए करोड़ों रुपये के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन फर्जीवाड़े में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित रायपुर ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर द्वारा गठित जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर 1 करोड़ 77 लाख रुपये की भारी अनियमितता पाए जाने पर बैंक प्रबंधन ने तत्कालीन 5 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कूटरचना और फर्जी आहरण से 20 से अधिक किसान थे पीड़ित
मामले का खुलासा तब हुआ जब केना सहकारी समिति में 20 से अधिक किसानों के रकबे में कूटरचना कर फर्जी तरीके से रकबा बढ़ाने और उनके नाम पर लाखों रुपये का के.सी.सी. लोन निकालने की शिकायत सामने आई। शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर महासमुंद द्वारा जांच दल का गठन किया गया था। जांच दल की रिपोर्ट में बैंकिंग नियमों को ताक पर रखकर बिना अधिकार पत्र के आहरण पर्चियों का भुगतान करने, साख सीमा प्रपत्रों का बिना सत्यापन किए हस्ताक्षर करने और ब्याज वसूली में लापरवाही बरतने की पुष्टि हुई।
इन 5 अधिकारियों व कर्मचारियों पर गिरी गाज:
युवराज नायक (शाखा प्रबंधक, वर्तमान पदस्थापना सांकरा शाखा) – तोरेसिंहा कार्यकाल के दौरान लापरवाही व अनियमितता।
खिलेश्वर साहू (प्रभारी सहायक लेखापाल, वर्तमान पदस्थापना भटगांव शाखा) – नियमों के विरुद्ध एक ही व्यक्ति को लगातार 49,900 रुपये व 99,900 रुपये की आहरण पर्चियों पर भुगतान करने एवं वरिष्ठों को अवगत न कराने का आरोप।
हीरा सिंह ध्रुव (कनिष्ठ लिपिक, शाखा तोरेसिंहा) – बिना परीक्षण एवं बिना अधिकार पत्र के आहरण पर्चियों का भुगतान करने का आरोप।
श्याम सुन्दर पटेल (प्रभारी पर्यवेक्षक, वर्तमान पदस्थापना भंवरपुर शाखा) – साख सीमा प्रपत्रों का बिना सत्यापन हस्ताक्षर करने एवं ब्याज वसूली न करने में संलिप्तता।
राजकुमार प्रधान (प्रभारी पर्यवेक्षक, शाखा तोरेसिंहा) – दस्तावेजों का परीक्षण किए बिना साख सीमा प्रपत्रों की पुष्टि करने का आरोप।
नोडल कार्यालय महासमुंद से किए गए संलग्न
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) द्वारा जारी आदेशानुसार, सभी पांचों कर्मचारियों को बैंक कर्मचारी सेवानियम 60(3) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर नोडल कार्यालय महासमुंद में संलग्न किया गया है। निलंबन अवधि में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।