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​शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज महासमुंद में 'आत्महत्या रोकथाम एवं तनाव प्रबंधन' पर कार्यशाला आयोजित; स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

​आत्महत्या के चेतावनी संकेतों (Suicide Warning Signs), इनडोर-आउटडोर खेलों और योग के माध्यम से तनावमुक्ति का दिया गया संदेश

शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, महासमुंद के प्रांगण में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने तथा उनमें सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'आत्महत्या रोकथाम एवं तनाव प्रबंधन' (Suicide Prevention and Stress Management) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों एवं विशेषज्ञों कार्यशाला में शामिल मुख्य अतिथि एवं प्रशासनिक अधिकारी:
​डॉ. आई नागेश्वर राव – मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO)
​डॉ. बी महेश्वरी – संयुक्त संचालक एवं अस्पताल अधीक्षक
​डॉ. छत्रपाल चंद्राकर – नोडल अधिकारी, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम
​श्रीमती नीलू घृतलहरे– जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM)

​कार्यशाला के सत्र को संबोधित करते हुए युवाओं में बढ़ते मानसिक दबाव, परीक्षा के भय तथा डिप्रेशन के लक्षणों पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने बताया कि समय रहते आत्महत्या के चेतावनी संकेतों (Suicide Warning Signs) को पहचानकर और सही समय पर परामर्श देकर किसी व्यक्ति की अनमोल जान बचाई जा सकती है।  

​कार्यशाला की प्रमुख विशेषताएं एवं मुख्य बिंदु:
​आत्महत्या के चेतावनी संकेत (Suicide Warning Signs): राम गोपाल खूंटे मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि खुद को नुकसान पहुंचाने की बातें करना, सामाजिक गतिविधियों से पूरी तरह अलग-थलग हो जाना, अचानक गंभीर मूड स्वििंग्स (Mood Swings) और अपनी पसंदीदा चीजें दूसरों को दे देना आत्महत्या के प्रमुख चेतावनी संकेत हैं।

​तनाव दूर करने में खेलों की भूमिका:

विद्यार्थियों को मानसिक एकाग्रता के लिए इनडोर गेम्स (चेस, कैरम, टेबल टेनिस) और शारीरिक स्फूर्ति व मानसिक ताजगी के लिए आउटडोर गेम्स (बैडमिंटन, फुटबॉल, रनिंग) खेलने के लिए प्रेरित किया गया।  

​योग एवं ध्यान अभ्यास:

त्वरित तनाव राहत और मन की शांति के लिए प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया गया। ​निःशुल्क सहायता एवं परामर्श: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सेवाओं तथा टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर (14416 / 1800-891-4416) के बारे में जानकारी दी।  

​कार्यशाला के दौरान संस्था के प्राचार्य मती चंद्रिका विश्वकर्मा, शालिक राम ढीमर एन एस एस प्रभारी, रितेश कुमार दुबे एवं सहयोगी और 100 छात्र छात्रा उपस्थित हुए ने सभी अतिथियों का 'नमस्ते' कहकर अभिवादन स्वीकार किया और उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा:

​"मानसिक तनाव या नकारात्मक विचारों के समय मदद मांगना कमजोरी नहीं बल्कि बुद्धिमत्ता है। अपने साथियों में किसी भी प्रकार के चेतावनी संकेत दिखे तो उन्हें अकेला न छोड़ें और तुरंत कॉलेज प्रबंधन या स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों को सूचित करें।" मेडिकल कॉलेज संबद्ध डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल स्पर्श क्लिनिक से राम गोपाल खूंटे मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता, श्री खोमन लाल साहू एस एन ओ, श्री देव कुमार डडसेना योग प्रशिक्षक उपस्थित हुए।

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