सरायपाली : बिजली बिल आबंटित राशि 724173 दबाए रखा, पूर्व बीईओ प्रकाशचंद मांझी पर फिर गिरी गाज।
स्कूल शिक्षा विभाग ने तात्कालीन सरायपाली विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी प्रकाश चन्द्र मांझी(मौजूदा सहायक संचालक) पर एक और बडी कार्रवाई करते हुए इनकी दो वार्षिक वेतनवृद्वियां रोकने का दंड दिया है। बता दे कि एक अन्य मामले में इसी साल 20 फरवरी को पहले भी श्री मांझी का तीन वार्षिक वेतनवृद्वियां रोकने का आदेश हुआ है। अब तक कुल 05 वार्षिक वेतनवृद्वियां विभागीय कार्रवाई की भेंट चढ चुका है।
मालूम हो कि वर्ष 2022-23 के बिजली बिल का भुगतान हेतु सात लाख चौबीस हजार एक सौ तिहत्तर रूपये आबंटित हुआ था। जिस राशि को मार्च 2023 में आहरण कर लिया गया था। शिकायतकर्ता विनोद कुमार दास ने सिद्वार्थ कोमल परदेशी आइएएस सचिव छत्तीसगढ शासन स्कूल शिक्षा विभाग को 17 दिसम्बर 2024 को लिखित शिकायत किया। इस बिजली बिल की आहरित राशि को 02 साल बाद फरवरी 2025 में तात्कालीन बीईओ ने बिजली विभाग में जमा कराया।
जांचकर्ता अधिकारियो में एम.जी. सतीश नायर सहायक संचालक, नंदकिशोर सिन्हा सहायक संचालक, एल.एम.तारम मुख्य लिपिक थे। जांचकर्ता अधिकारियो ने 25 अप्रैल को जांच किया। जिसमें शिकायत सही मिला। बीईओ व लिपिक दोषी पाये गए। जांच कर प्रतिवेदन संभागीय संयुक्त संचालक को भेजा। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रकाश चन्द्र मांझी पर छत्तीसगढ सिविल सेवा (वर्गाीकरण,नियत्रंण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 10(4) के तहत कार्रवाई करते हुए दो वार्षिक वेतनवृद्वियां असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश 31 जुलाई को किया।
गौरतलब है कि प्रकाश चन्द्र मांझी(पूर्व बीईओ) के विरूद्व लगातार दूसरी बार हुआ यह सख्त कार्रवाई साफ संकेत देता है कि वित्तीय लापरवाही और सरकारी राशि के प्रबंधन में गंभीर चूक को शासन ने कदाचार माना है। जिम्मेदार अधिकारी के ऐसी हरकते से विभाग की छवि धूमिल होता है।