पिथौरा : डाॅयल-112 व इमरजेंसी सेवा 108 की तत्परता से बची 18 वर्षीय युवक की जान, समय पर अस्पताल पहुंचाकर कराया उपचार
बगारपाली में यूरिया घोल पीने के बाद जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे देवेंद्र ठाकुर को समय रहते डायल -112 व इमरजेंसी सेवा 108 इमरजेंसी सेवा की मदद मिली। गांव के एक युवक की तत्परता से किए गए कॉल के बाद डायल-112 व इमरजेंसी सेवा 108 टीम बिना विलंब मौके पर पहुंची और पीड़ित को तत्काल नजदीकी शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर उपचार मिलने से युवक की जान बचाई जा सकी।
घटना स्थल बगारपाली जहां पर देवेंद्र ठाकुर पिता फुलेश्वर ठाकुर उम्र 18 वर्ष ने यूरिया को घोल पी लिया जिससे वह जिन्दगी और मौत के बीच झुल रहा था, ऐसे में गांव के ही एक अन्य युवक ने अपने मोबाईल से डायल-112 को काल किया जिस पर त्वरित रिस्पाॅंस देते हुए काॅलर के लोकेशन को टैक करते हुए डायल 112 की टीम अविलंब ग्राम बगारपाली पीड़ित के घर पहुंची, कुछ ही देर बार इमरजेंसी सेवा 108 वाहन भी आ जाने से उक्त वाहन में पीडित युवक को बिना विलंब किये उसे नजदीकी शासकीय अस्पताल पहुंचाई गई जहां पर चिकित्सकों ने ईलाज शुरू किया जिससे की पीडित युवक की जान बचाई जा सकी और परिवार में खुशी वापस लौट आयी। समय रहते डायल -112 व इमरजेंसी सेवा 108 की मदद व चिकित्सा उपलब्ध होने से युवक की जान आज खतरे से बाहर है। डायल-112 व इमरजेंसी सेवा 108 की मदद से आज समय रहते पीडित युवक को अस्पताल पहुंचाया गया जिससे की युवक की जान बचाई जा सकी।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आपात स्थिति में समय पर सूचना, त्वरित रिस्पॉन्स और तत्काल चिकित्सा सुविधा कितनी महत्वपूर्ण होती है। छत्तीसगढ़ सरकार की जन उपयोगी डाॅयल-112 व इमरजेंसी सेवा 108 ने संकट की घड़ी में तत्परता दिखाते हुए पीड़ित को समय पर अस्पताल पहुंचाया और उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।