बसना : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सजा कृष्णमय मंडी प्रांगण, भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बसना द्वारा प्रतिवर्षानुसार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर मंडी प्रांगण, बसना में भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में लगभग 3000 दर्शकों की उपस्थिति रही। पूरा मंडी प्रांगण भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, रंग-बिरंगी झांकियों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कृष्णमय नजर आया ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डा. सम्पत अग्रवाल (विधायक बसना), अध्यक्ष लक्ष्मण राव मगर (प्रादेशिक सचिव सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़), विशेष अतिथि डा. एन. के अग्रवाल (वरिष्ठ चिकित्सक एवं संचालक नर्सिंग होम बसना) । कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण के पूजन एवं आरती के साथ हुआ । विद्यालय के भैया-बहनों द्वारा मनमोहक भजन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं । अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किशोर भारती अध्यक्ष कक्षा द्वादश चंदन प्रधान, कक्षा एकादश रजत सेठ, कन्या भारती की बहनों द्वारा तिलक-चंदन एवं शॉल से सम्मान किया गया । झांकी के निर्णायक बंधुओं का भी सम्मान किया गया ।
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि ने भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, सत्य, कर्म, प्रेम एवं मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है । उनका कर्मयोग का संदेश आज भी समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है । उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम को देखकर ऐसा लग रहा है मानो द्वापर युग साकार हो उठा हो । बच्चों में भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों का विकास करने का यह प्रयास विद्यालय के लिए गौरव की बात है ।
डॉ. एन. के. अग्रवाल ने जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जब-जब धरती पर अन्याय बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर अधर्म का नाश करते हैं। उन्होंने कहा कि शिशु मंदिर में शिक्षा के साथ संस्कार भी प्रदान किए जाते हैं।
लक्ष्मण राव मगर ने कहा कि विद्यालय द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय संस्कृति का प्रकटीकरण किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर बसना जागरण का कार्य करते हुए हिंदू जागरण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है । विद्यालय के भैया-बहन समाज को संस्कार एवं संस्कृति का संदेश देने का कार्य कर रहे हैं ।
उन्होंने विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता एवं विभिन्न भाषाओं के अध्ययन की भी सराहना की तथा कहा कि अंग्रेजी भाषा की चकाचौंध के साथ अपनी संस्कृति और संस्कारों को कभी नहीं भूलना चाहिए । डॉ. संपत अग्रवाल ने भी भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिशु मंदिर में अध्ययन करने वाले भैया-बहन बचपन से ही संस्कार प्राप्त करते हैं, बड़ों का सम्मान करते हैं और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझते हैं । उन्होंने विद्यालय द्वारा प्रस्तुत भव्य झांकियों की सराहना की ।
आकर्षण का केंद्र रहीं कृष्ण लीलाओं पर आधारित झांकियां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित विभिन्न झांकियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं । झांकियों में तृतीय कक्षा द्वारा माखन चोरी, चतुर्थ द्वारा श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन, पंचम द्वारा श्रीकृष्ण दशावतार, षष्ठ द्वारा श्रीकृष्ण जन्म, सप्तम द्वारा द्रौपदी चीर हरण, अष्टम द्वारा बकासुर वध, नवम द्वारा रास लीला, दशम द्वारा सरस्वती पूजा, एकादश द्वारा सत्यनारायण कथा तथा द्वादश द्वारा कृष्ण द्वारा शिव पूजन की मनमोहक प्रस्तुति दी गई । प्रथम-द्वितीय कक्षा के भैया-बहनों ने राधा-कृष्ण वेश-भूषा सभी का मन मोह लिया ।
झांकियों में प्राथमिक विभाग से प्रथम स्थान कक्षा पंचम - श्री कृष्ण दशावतार - प्रथम स्थान, कक्षा - तृतीय - माखन चोर - द्वितीय स्थान, कक्षा - चतुर्थ - सुदामा मिलन - तृतीय स्थान
माध्यमिक विभाग से कक्षा - अष्टम - बकासुर वध - प्रथम स्थान, कक्षा - सप्तम - द्रोपदी चीर हरण - द्वितीय स्थान, कक्षा - षष्ठ - श्री कृष्ण जन्म - तृतीय स्थान हाई एवं हायर सेकेंडरी विभाग से कक्षा - द्वादश - श्री कृष्ण द्वारा शिव पूजन - प्रथम स्थान, कक्षा - एकादश - सत्यनारायण कथा पूजन - द्वितीय स्थान, कक्षा - दशम - सरस्वती पूजा - तृतीय स्थान को प्राप्त हुआ ।
श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम की मधुरता, मित्रता की सच्चाई, कर्म की महानता तथा अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देता है । इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय ने श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया ।
कार्यक्रम में आनंदराम मदनानी , शुभम अग्रवाल, रमेश अग्रवाल, रामचंद अग्रवाल, मोहित पटेल, रघुवीर श्रीवास्तव, प्रकाश सिन्हा, धनेश्वर साहू, दीपा अरुण साहू, सुभाष शर्मा, यज्ञराम सिदार, सावरमल अग्रवाल, भोजराज प्रधान, विजय पटेल, सुश्री पुष्पा साव, राजकुमारी गुप्ता, ललिता रात्रे, किशोर दास, नरेन्द्र बोरे, सुन्दर लाल साहू, रमेश कर, धनुर्जय साहू उपस्थित रहे । समस्त आचार्य-दीदियां, भैया-बहन एवं भृत्यगण सहित बड़ी संख्या में नगरवासी एवं श्रद्धालु विद्यालय परिवार एवं सभी सहयोगियों के अथक प्रयास से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ ।