भारत की जीडीपी विकास दर 7.8%, फिर भी महासमुंद में बढ़ रही लूटपाट और अवैध शराब के मामले, क्या जीडीपी विकास दर से बहोत पीछे है जिला
हाल ही में भारत सरकार ने तिमाही जीडीपी और विकास दर को लेकर आंकड़े जारी किये थे, जिसके अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी विकास दर 7.8% दर्ज की गई है. जीडीपी और विकास दर इस बात को तय करती है कि देश में आर्थिक गतिविधियाँ और रोजगार के अवसर किस तरह है.
जीडीपी विकास दर 7.8% एक बहोत अच्छा विकास दर्ज माना जाता है, इसका मतलब लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, लेकिन इन आंकड़े और क्षेत्र में हो रही आपराधिक घटनाएँ कुछ और ही जिक्र करती है.
हम बात करेंगे महासमुंद जिला की, जहाँ देश में हो रहे जीडीपी विकास दर की रफ्तार दिखाई नहीं दे रही है, क्योकि यहाँ आये दिन लूटपाट, चोरी और अवैध शराब बिक्री और तस्करी की घटनाएँ लागातार सामने आ रही है. जिले का माहौल कुछ ऐसा हो गया है कि यह क्षेत्र महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है. तुमगांव से लेकर बागबाहरा, महासमुंद में लागातार लूटपाट की घटनाएँ सामने आ रही है. लोगों के साथ राह चलते उनकी बाइक रोककर चाकू दिखाकर, उनसे मोबाइल और नगदी रकम की लूटपाट कर दी जा रही है. तथा लूटपाट का विरोध करने पर मारपीट की जा रही है.
इसके आलावा सरायपाली, बसना, पिथौरा, सांकरा से लेकर जिले भर में किसानों के खेतों से मोटर पंप और केबल वायर चोरी किये जा रहे हैं, जिसे लेकर किसान लगातार परेशान है, कई शिकायतों के बावजूद चोरी की घटना थमने की नाम नहीं ले रही है.
वहीं रोजगार के आभाव लोग अवैध कारोबार करने को मजबूर हैं, जिले के सभी थाने क्षेत्रों में रोजाना सैकड़ों लीटर महुआ शराब जप्त की जा रही है. गाँव-गाँव यह अवैध कारोबार फल-फुल रहा है, रोजाना पुलिस की कार्यवाही के बाद यह कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा. जगलों से लेकर गाँव के घरों में अवैध शराब बनाई जाने लगी है. इसके चलते अब लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ रही है. आज के अखबारों के सुर्खिया इस बात की गवाही दे रही है कि क्षेत्र में अब जहरीली शराब भी बनने लगी है, जिसे पीकर दो लोगों की मौत हो गई.
ऐसे में सवाल यह है कि अगर जीडीपी विकास दर 7.8% है तो जिले में लगातार क्यों आपराधिक घटनाएँ बढ़ रही है, लोग अवैध शराब और गांजा की तस्करी क्यों कर रहे हैं, क्या देश में हो रही विकास दर की रफ्तार से महासमुंद बहोत पीछे है ? अगर ऐसा है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है.