महासमुंद : सेवा संकल्प और समर्पण से श्रमिक कल्याण को मिला संबल, 52 हजार से अधिक श्रमिक हुए लाभान्वित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा सेवा, समर्पण और जनकल्याण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता की यात्रा रही है। समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने और जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की इसी भावना को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले में श्रमिकों और उनके परिवारों के हित में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं उनके जीवन में आर्थिक संबल और सुरक्षा का आधार बन रही हैं।
01 जनवरी 2024 से 16 सितंबर 2026 तक छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं से जिले के 47,354 श्रमिकों को कुल 35 करोड़ 98 लाख 74 हजार 109 रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। वहीं छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 4,931 श्रमिकों को 9 करोड़ 21 लाख 59 हजार 750 रुपए की सहायता प्रदान की गई है।
निर्माण श्रमिकों के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ मातृत्व, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मिनीमाता महतारी जतन योजना के माध्यम से 2,381 माताओं को 4 करोड़ 87 लाख 20 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई। इसी प्रकार मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना से 14,248 बच्चों को 5 करोड़ 51 लाख 49 हजार रुपए की सहायता मिली, जिससे श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को आर्थिक सहारा मिला।
शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 381 मेधावी विद्यार्थियों को 38 लाख 16 हजार 524 रुपए की सहायता प्रदान की गई। वहीं निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के माध्यम से 10,367 बच्चों को 2 करोड़ 61 लाख 14 हजार रुपए की सहायता दी गई। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत 5 बच्चों तथा मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के अंतर्गत 345 बच्चों को शिक्षा संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
श्रमिक परिवारों की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी योजनाओं का विशेष योगदान रहा है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के माध्यम से 5,274 बेटियों को 10 करोड़ 99 लाख 80 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई। इससे बेटियों को शिक्षा, कौशल और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला है। विपरीत परिस्थितियों में श्रमिक परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए भी शासन की योजनाएं सहारा बनी हैं। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के माध्यम से 429 हितग्राहियों को 4 करोड़ 33 लाख रुपए की सहायता दी गई। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना के अंतर्गत 4 श्रमिकों को 80 हजार रुपए तथा मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 1,805 वृद्ध श्रमिकों को 3 करोड़ 61 लाख रुपए की सहायता प्रदान की गई।
श्रमिकों को रोजगार और कार्य के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भी विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया है। मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना से 4,636 श्रमिकों को 1 करोड़ 60 लाख 94 हजार 584 रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना से 3,853 श्रमिकों को 57 लाख 79 हजार 500 रुपए तथा मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत 3,509 हितग्राहियों को 1 करोड़ 29 लाख 96 हजार 101 रुपए की सहायता दी गई।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना से 86 हितग्राहियों को 6 लाख 79 हजार 400 रुपए और दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के माध्यम से 7 दीदियों को 7 लाख रुपए प्रदान किए गए हैं। निर्माण श्रमिकों के बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के तहत 6 बच्चों को 3 लाख 65 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई है। वहीं निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
इसी तरह छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों को भी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना के माध्यम से 3,491 माताओं को 7 करोड़ 20 लाख 20 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई। मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 147 लाभार्थियों को 1 करोड़ 46 लाख रुपए की सहायता मिली है। असंगठित कर्मकारों के बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 1,035 बच्चों को 15 लाख 29 हजार रुपए छात्रवृत्ति सहायता प्रदान की गई है।
ठेका श्रमिक, घरेलू महिला कामगार एवं हमाल श्रमिक प्रसूति सहायता योजना के तहत 192 महिलाओं को 38 लाख 40 हजार रुपए की सहायता दी गई। गंभीर बीमारी से जूझ रहे श्रमिकों को भी शासन की ओर से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अंतर्गत एक हितग्राही को 50 हजार रुपए की चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है। सफाई कर्मकारों के परिवारों को भी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा गया है। सफाई कर्मकार के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 5 बच्चों को 10 हजार रुपए, सफाई कर्मकार प्रसूति सहायता योजना के तहत 2 महिलाओं को 40 हजार रुपए तथा आवश्यक उपकरण सहायता योजना के अंतर्गत एक हितग्राही को एक हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई है।
श्रमिक परिवारों को योजनाओं का लाभ मिलने से कठिन परिस्थितियों में उन्हें आर्थिक सहारा मिला है। बच्चों की शिक्षा की राह आसान हुई है, बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर मिले हैं, माताओं को सहायता मिली है तथा श्रमिकों को अपने कार्य के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हुए हैं।