महासमुंद : निःशुल्क रेबीज टीकाकरण शिविर में 27 पशुपालकों ने कराया पशुओं का टीकाकरण
शिविर के साथ “रेबीज से बचाव ही सुरक्षा है” विषय पर विशेष जागरूकता संगोष्ठी भी आयोजित की गई। विशेषज्ञों ने रेबीज के संक्रमण के कारण, इसके फैलने के तरीके, प्रमुख लक्षण तथा रोकथाम के उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि संक्रमित पशु के काटने अथवा उसकी लार के संपर्क में आने से रेबीज का संक्रमण हो सकता है। कुत्ते के काटने की स्थिति में घाव को तत्काल साबुन एवं बहते पानी से अच्छी तरह धोने तथा बिना विलंब चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
संगोष्ठी में रेबीज को लेकर समाज में प्रचलित विभिन्न मिथकों एवं भ्रांतियों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक तथ्यों के माध्यम से लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि रेबीज गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर आवश्यक सावधानी, उचित उपचार एवं पशुओं के नियमित टीकाकरण से इसके जोखिम को कम किया जा सकता है। पशुपालकों से अपने पालतू कुत्तों एवं बिल्लियों का समय पर टीकाकरण कराने की अपील की गई।
इसी क्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बेमचा में छात्र-छात्राओं के लिए रेबीज जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को रेबीज के कारण, संक्रमण के तरीके, प्रमुख लक्षण तथा बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
उन्हें अपने पालतू पशुओं का नियमित टीकाकरण कराने तथा परिवार एवं समुदाय को रेबीज के संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पशुपालकों एवं विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे रेबीज की रोकथाम के प्रति सजग रहें, पशुओं का नियमित टीकाकरण कराएं तथा किसी भी संदिग्ध पशु के काटने की घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञों से संपर्क करें।