महासमुंद : पक्की सड़क से खम्हन-कुदारीदादर क्षेत्र के ग्रामीणों को मिली आवागमन की नई सुविधा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा का मूल भाव जनसेवा और विकास को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना रहा है। इसी सेवा संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले के खम्हन से कुदारीदादर मार्ग का निर्माण पूर्ण होने से ग्रामीणों के आवागमन, कृषि उपज के परिवहन और विद्यार्थियों की शिक्षा तक पहुंच को नई सुविधा मिली है।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत खम्हन से कुदारीदादर मार्ग की कुल लंबाई 2.50 किलोमीटर है। इस मार्ग के निर्माण के लिए 258.76 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। मार्ग का निर्माण कार्य 12 जनवरी 2026 को पूर्ण हुआ। यह मार्ग पौनी-बिरलाईगढ़-बम्हनी-बसना-पदमपुर मार्ग के किलोमीटर 38ध्4 स्थित ग्राम जबलपुर से निकलकर ग्राम कुदारीदादर होते हुए ग्राम खम्हन तक पहुंचता है और आगे महासमुंद जिले की अंतिम सीमा से बलौदाबाजार जिले को जोड़ता है। इस प्रकार यह मार्ग ग्रामीण क्षेत्रों के बीच संपर्क स्थापित करने के साथ-साथ दो जिलों के बीच आवागमन को भी सुगम बना रहा है।
सड़क निर्माण से इन गांवों के किसानों के लिए अपनी कृषि उपज को धान संग्रहण केंद्र तक पहुंचाना पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हुआ है। पक्की सड़क बनने से कृषि उपज के परिवहन में समय और श्रम की बचत के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से अध्ययन के लिए आने-जाने वाले बच्चों को अब बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होने से शिक्षण संस्थानों तक पहुंच आसान हुई है।
निर्माण से पहले इस मार्ग का 2.50 किलोमीटर हिस्सा कच्चा एवं मिट्टीकृत मार्ग था। बारिश के मौसम में आवागमन में विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब इस मार्ग का 7.50 मीटर चैड़ाई में निर्माण किया गया है, जिसमें 3.75 मीटर चैड़ी डामरीकृत सतह का निर्माण शामिल है। इससे ग्रामीणों को वर्षभर आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध हुई है। मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए निर्माण कार्य में 5 नग पाइप पुलिया का भी निर्माण किया गया है। इससे जल निकासी की व्यवस्था बेहतर हुई है और मार्ग की उपयोगिता एवं टिकाऊपन में वृद्धि हुई है।