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छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर समेत 24 राज्यों के 50 शहर बनेंगे स्वच्छता के मॉडल शहर

 

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली में PRAGATI-50 पहल का किया शुभारंभ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री द्वारा 51वीं PRAGATI बैठक के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत PRAGATI-50 पहल के अंतर्गत 50 मॉडल शहरों की पहचान की है। इन शहरों में छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर नगर निगम भी शामिल हैं। देश के 24 राज्यों के इन 50 शहरों में लक्षित, प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (KPI) आधारित कार्ययोजना तथा तकनीक-सक्षम गहन निगरानी के माध्यम से स्वच्छता के उच्च मानक स्थापित किए जाएंगे। पहल का उद्देश्य शहरी स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्रयुक्त जल प्रबंधन, स्वच्छता सुविधाओं और नागरिक भागीदारी में स्पष्ट एवं निरंतर सुधार लाना है। इसके लिए निर्धारित समय-सीमा में संरचित निगरानी और समीक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।

पहल के शुभारंभ के अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि 24 राज्यों के ये 50 शहर देश के अन्य शहरों के लिए स्वच्छता के आदर्श शहर के रूप में उभरेंगे। उन्होंने कहा कि इन शहरों को नियमित स्वच्छता कार्यों से आगे बढ़कर दृश्य स्वच्छता के सतत और उच्च प्रदर्शन मानकों को प्रदर्शित करना होगा। उन्होंने बताया कि इस पहल में प्रमुख शहरों, सांस्कृतिक महत्व वाले शहरों, प्रमुख पर्यटन स्थलों और आर्थिक केंद्रों को शामिल किया गया है। प्रगति की निरंतर समीक्षा परिणाम आधारित आकलन और तकनीक-सक्षम निगरानी के माध्यम से की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह स्वयं प्रत्येक दो माह में समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता कर इन शहरों की प्रगति की निगरानी करेंगे।

आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि पिछले एक दशक में स्वच्छता जन आंदोलन से आगे बढ़कर जीवनशैली का हिस्सा बन गई है। उन्होंने कहा कि नई मॉडल सिटी पहल निर्धारित समय-सीमा में शहरों को गार्बेज फ्री सिटी के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाने में मदद करेगी और उन्हें अन्य शहरी क्षेत्रों के लिए आदर्श बनाने में सक्षम बनाएगी। उन्होंने राज्यों और शहरी स्थानीय निकायों से सूक्ष्म स्तर की कार्ययोजनाएं तैयार कर उनका त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

श्री साहू ने युवा शक्ति और प्रौद्योगिकी के बढ़ते समन्वय का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने बताया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के सहयोग से तीसरे समूह के स्टार्टअप्स का शुभारंभ मिशन के तहत 75 स्टार्टअप्स को शामिल करने और उनका इनक्यूबेशन करने के राष्ट्रीय लक्ष्य की उपलब्धि को भी दर्शाता है। शहरी विकास विभाग, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री सतेंद्र सिंह ने कहा कि बेहतर नागरिक अनुभव और समग्र सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल में ‘सिटी ऐज ए होल’ दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसके तहत सभी हितधारकों, साझेदारों और शहरी स्थानीय निकायों को योजना एवं क्रियान्वयन में शामिल किया जाएगा। प्रभावी निगरानी के लिए स्वच्छतम पोर्टल पर प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन (PRAGATI) जैसी डिजिटल समीक्षा व्यवस्था स्थापित की गई है। मंत्रालय के अधिकारियों को नियमित पर्यवेक्षण और सहयोग के लिए विशिष्ट शहरों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

सतत शहरी परिवर्तन के लिए क्षमता निर्माण और निरंतर सीखने की आवश्यकता को देखते हुए स्वच्छ भारत मिशन-शहरी ने हितधारकों को तकनीकी दिशा-निर्देश, मॉडल डिजाइन और लक्षित परामर्श उपलब्ध कराए हैं। कार्यक्रम के दौरान निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (C&D Waste) के लिए सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर की स्थापना की मानक संचालन प्रक्रिया तथा नगरपालिका ठोस अपशिष्ट के स्रोत पर पृथक्करण के दिशा-निर्देश जारी किए गए। ये प्रावधान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत अनिवार्य किए गए हैं। स्वच्छता के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद–केंद्रीय यांत्रिक अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (CSIR-CMERI) के सहयोग से दुर्गापुर में स्वच्छ भारत टेस्ट बेड एंड इनोवेशन सेंटर का शुभारंभ किया। यह स्वच्छता प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान, उत्पाद विकास, परीक्षण, प्रमाणीकरण और क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय सुविधा के रूप में कार्य करेगा।

स्वच्छता स्टार्टअप्स के तीसरे समूह की शुरुआत

स्वच्छ भारत मिशन-शहरी ने पिछले एक दशक में पारंपरिक अपशिष्ट प्रबंधन से आगे बढ़कर तकनीक आधारित समाधानों को बढ़ावा दिया है। मिशन ने अपशिष्ट प्रबंधन की पूरी मूल्य श्रृंखला में नवाचार को गति देने के लिए 75 स्टार्टअप्स को जोड़ा है। इसी क्रम में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC) के सहयोग से स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप्स के तीसरे समूह की शुरुआत की। इस समूह में 13 स्टार्टअप शामिल हुए हैं। नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने और उनके समाधान की सुविधा देने वाले स्वच्छता ऐप को और अधिक सुलभ बनाने के लिए एक समर्पित व्हाट्सऐप चैनल भी शुरू किया गया। इससे नागरिक आसानी से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे और अपने शहरों को स्वच्छ रखने में सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे।

स्वच्छता व्यवहार परिवर्तन डिजिटल कोष

केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने स्वच्छता व्यवहार परिवर्तन डिजिटल कोष का भी शुभारंभ किया। यह डिजिटल रिपॉजिटरी स्वच्छ और टिकाऊ भारत के लिए व्यवहार परिवर्तन को मजबूत करने के उद्देश्य से विचारों, क्रिएटिव सामग्री, अभियानों और संसाधनों को एक मंच पर उपलब्ध कराएगी। इसके माध्यम से राज्यों, शहरी स्थानीय निकायों और अन्य हितधारकों को तैयार संचार सामग्री, नवाचारी अभियान विचार और जन-जागरूकता सामग्री उपलब्ध होगी, जिससे सफल पहलों को दोहराने, ज्ञान साझा करने और नागरिक-केंद्रित संचार को बढ़ावा मिलेगा।

संकल्प भवन में रिड्यूस, रीयूज एंड रिसाइकिल सेंटर

स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली स्थित संकल्प भवन में रिड्यूस, रीयूज एंड रिसाइकिल (RRR) सेंटर का उद्घाटन किया। इसे किसी केंद्रीय मंत्रालय के कार्यालय में स्थापित इस प्रकार का पहला केंद्र बताया गया है। यह पहल सरकारी कार्यालयों में टिकाऊ उपभोग, वस्तुओं के पुनः उपयोग, संसाधन पुनर्प्राप्ति और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देगी। भारत की शहरी स्वच्छता यात्रा को नई दिशा देते हुए आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय नवाचार, आपसी सीख और क्षमता निर्माण के माध्यम से लचीले और भविष्य के लिए तैयार शहरों के निर्माण की दिशा में कार्य कर रहा है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी और टिकाऊ शहरी प्रणालियों पर आधारित कचरा-मुक्त शहरों की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण कदम है। यह संस्करण रायपुर और बिलासपुर की भागीदारी को शुरुआती पैराग्राफ में स्पष्ट रूप से सामने लाता है, ताकि छत्तीसगढ़ के समाचार पत्रों के लिए स्थानीय एंगल तुरंत स्पष्ट हो जाए।



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