गांधी जयंती पर महासमुंद में कुष्ठ जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ, कलेक्टर ने किया एमसीआर चप्पल का वितरण, समय पर जांच और उपचार की अपील
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती के अवसर पर जिले में 02 से 08 अक्टूबर तक कुष्ठ जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ यूपीएचसी महासमुंद में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने महात्मा गांधी जी के चलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर कुष्ठ रोग से प्रभावित हितग्राहियों को एमसीआर (Micro Cellular Rubber) चप्पल वितरित की गई। एमसीआर चप्पल पैरों को चोट एवं दबाव से बचाने में सहायक होती हैं।
कलेक्टर लंगेह ने कहा कि कुष्ठ रोग को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और झिझक को दूर करना जरूरी है। समय पर पहचान और नियमित उपचार से कुष्ठ रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर बिना संकोच स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और समाज में जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करें।
सप्ताहभर चलेगा जागरूकता अभियान
कुष्ठ जागरूकता सप्ताह के दौरान जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में माइकिंग, जागरूकता शिविर, हैंडबिल वितरण तथा घर-घर संपर्क के माध्यम से कुष्ठ रोग के लक्षण, जांच एवं उपचार की जानकारी दी जाएगी। मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाएगा।
सीएमएचओ डॉ. रामकिशोर कुशवाहा ने जिलेवासियों से अपील की है कि त्वचा पर ऐसा कोई दाग-धब्बा जिसमें सूनापन हो अथवा गर्म-ठंडे का एहसास न हो, उसे नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल में जांच कराएं। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग छिपाने की नहीं, समय पर पहचान और उपचार कराने की बीमारी है।
शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में कुष्ठ रोग की जांच एवं उपचार निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से कुष्ठ रोग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने, जागरूकता बढ़ाने और कुष्ठ मुक्त महासमुंद के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।
कार्यक्रम में जिला नोडल कुष्ठ कार्यक्रम डॉ. वी.पी. सिंह, बीएमओ तुमगांव डॉ. विकास चंद्राकर, डीपीएम नीलू धृत लहरे, जिला मीडिया अधिकारी हरिशंकर साहू, जिला सलाहकार एकेश्वर शुक्ला एवं सुपरवाइजर दीपक तिवारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जागरूकता सप्ताह के दौरान जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में माइकिंग, जागरूकता शिविर, हैंडबिल वितरण तथा घर-घर संपर्क के माध्यम से संभावित मरीजों की पहचान एवं परामर्श दिया जाएगा।
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