महासमुंद : खरीफ 2026 में दलहन-तिलहनी फसलों के रकबे में विस्तार
जिले में कृषि विभाग द्वारा धान के साथ-साथ दलहन एवं तिलहनी फसलों के रकबे में विस्तार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उप संचालक कृषि एफ आर कश्यप ने बताया कि खरीफ 2026 में किसानों द्वारा मूंगफली, मूंग, उड़द एवं अरहर की फसलों की बोनी की गई है। इन फसलों की खरीदी इस वर्ष पंजीकृत किसानों से किए जाने की तैयारी है। कृषि विभाग ने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में सहकारी समितियों के माध्यम से पंजीयन कराने का आग्रह किया है। रकबा सत्यापन के आधार पर फसलों की खरीदी प्रारंभ की जाएगी।
खरीफ 2026 में जिले में मूंगफली की 2,559 हेक्टेयर, मूंग की 1,755 हेक्टेयर, उड़द की 6,980 हेक्टेयर तथा अरहर की 545 हेक्टेयर में बोनी की गई है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को दलहन एवं तिलहनी फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। गत वर्ष खरीफ एवं रबी मौसम में भी किसानों द्वारा धान के साथ वैकल्पिक फसलों की खेती की गई। वर्ष 2025-26 में चना 632 हेक्टेयर, मसूर 570 हेक्टेयर तथा सरसों 1,413 हेक्टेयर में बोई गई थी। इस वर्ष धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहनी फसलों का रकबा और अधिक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा बीज की आवश्यकता का प्रस्ताव बीज निगम को भेजा गया है।
रबी वर्ष 2026-27 में धान के रकबे को कम कर अन्य दलहन, तिलहन एवं अनाज फसलों के रकबे में लगभग 11 हजार हेक्टेयर तक विस्तार करने के लिए बीज मांग का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें गेहूं, रागी, चना, मसूर, उड़द, मूंग, तिवड़ा, सरसों, मूंगफली एवं तिल सहित विभिन्न फसलों के बीज की मांग की जा रही है। प्रस्तावित बीज मात्रा में गेहूं 3,900 क्विंटल, रागी 400 क्विंटल, चना 150 क्विंटल, मसूर 50 क्विंटल, उड़द 95 क्विंटल, मूंग 202 क्विंटल, तिवड़ा 44 क्विंटल, मूंगफली 500 क्विंटल तथा तिल 10 क्विंटल बीज शामिल हैं। इन बीजों की उपलब्धता नगद एवं अनुदान दोनों माध्यमों से कराने की प्रक्रिया की जा रही है।
उप संचालक कृषि ने किसानों से अपील की है कि रबी फसलों के बीज प्राप्त करने के लिए अपने निकटतम सहकारी समिति अथवा विकासखंड स्थित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें। किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार बीज की मांग दर्ज कराकर समय पर बीज प्राप्त कर रबी फसलों की बोनी कर सकते हैं। बीज का वितरण उपलब्धता के आधार पर पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। किसानों से अपील की है कि वे धान के साथ-साथ दलहन एवं तिलहनी फसलों का रकबा बढ़ाने की दिशा में आगे आएं तथा कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण, कृषक संगोष्ठी एवं अन्य कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर योजनाओं का लाभ लें।
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