बसना : भंवरपुर सब स्टेशन का ट्रांसफार्मर ढाई माह से खराब, किसानों ने बिजली कार्यालय का किया घेराव
सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिलने से सूख रही धान की फसल
विभाग ने एक सप्ताह में ट्रांसफार्मर बदलने का दिया आश्वासन
भंवरपुर विद्युत सब स्टेशन का 5 एमवीए क्षमता वाला पावर ट्रांसफार्मर करीब ढाई माह से खराब पड़ा है। इसके कारण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बारिश थमने के बाद धान की फसल को सिंचाई के लिए पानी की जरूरत बढ़ी, लेकिन पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से किसानों के खेतों में लगे बोरवेल नियमित रूप से नहीं चल पा रहे हैं।
इससे फसल सूखने की आशंका के बीच बरतियाभाठा, संतपाली सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों किसानों ने एकजुट होकर भंवरपुर विद्युत कार्यालय का घेराव किया। किसानों की समस्या सुनने के बाद विभागीय अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर खराब पावर ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान वापस लौटे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भंवरपुर विद्युत सब स्टेशन में 5-5 एमवीए क्षमता के तीन पावर ट्रांसफार्मर स्थापित हैं। इनसे 11 केवी के कुल 10 फीडरों के माध्यम से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जाती है। इनमें से एक पावर ट्रांसफार्मर जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में खराब हो गया था।
विभागीय स्तर पर कई बार चार्ज करने और जांच करने के बाद ट्रांसफार्मर के पूरी तरह खराब होने की पुष्टि हुई। इसकी रिपोर्ट 3 अगस्त 2026 को उच्च अधिकारियों को भेजी गई, लेकिन ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से बिजली आपूर्ति की समस्या बनी रही। एक ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद शेष दो ट्रांसफार्मरों के सहारे प्रभावित छह फीडरों में लोड के अनुसार बारी-बारी से बिजली दी जा रही थी।
बारिश के दौरान खेतों में बोरवेल चलाने की जरूरत कम होने से किसानों को इस व्यवस्था से ज्यादा परेशानी नहीं हो रही थी। लेकिन पिछले 15 से 17 दिनों से बारिश पूरी तरह थमने के बाद खेतों में खड़ी धान की फसल को पानी की आवश्यकता बढ़ गई है। किसान सिंचाई के लिए लगातार बोरवेल चला रहे हैं, जिससे बिजली का लोड बढ़ गया है। ऐसे में सभी प्रभावित फीडरों को नियमित बिजली देना मुश्किल हो रहा है।
उन फीडरों में कटौती कर बारी बारी से विद्युत सप्लाई की जा रही थी। नतीजतन, किसानों को समय पर सिंचाई नहीं मिल पा रही है और धान की फसल सूखने की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि खराब ट्रांसफार्मर बदलने के लिए वे पहले भी विभागीय अधिकारियों से आग्रह कर चुके थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्हें सामूहिक रूप से घेराव करने के लिए मजबूर होना पड़ा। बड़ी संख्या में किसानों के विद्युत कार्यालय पहुंचने के बाद जेई अंकित भोई और एई राकेश बारीक ने उनकी समस्या जिला मुख्यालय में विद्युत विभाग के संबंधित अधिकारी सुनील कुमार के समक्ष रखी। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर ट्रांसफार्मर बदलने का आश्वासन दिया गया।
भंवरपुर विद्युत विभाग के जेई अंकित भोई ने बताया कि 5 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर जुलाई के अंतिम सप्ताह में खराब हुआ था। कई बार चार्ज करने के बाद पूरी तरह खराब होने की पुष्टि होने पर 3 अगस्त को इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजी गई। सब स्टेशन की जमीन काली मिट्टी वाली होने के कारण बारिश के दौरान भारी ट्रांसफार्मर ले जाने वाला हाइड्रा वाहन वहां तक नहीं पहुंच पा रहा था। बारिश थमने के बाद मिट्टी सूख गई है और रास्ते में मुरूम गिट्टी डालकर आवागमन की व्यवस्था की गई है, ताकि ट्रांसफार्मर को आसानी से सब स्टेशन तक पहुंचाकर बदला जा सके। जैसे ही पावर ट्रांसफार्मर आयेगा खराब ट्रांसफार्मर को बदल कर विद्युत सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। - अंकित भोई. जेई विद्युत विभाग भंवरपुर