कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कांपा में किसानों को ऑयल पाम की खेती पर दिया गया प्रशिक्षण, कराया गया प्रक्षेत्र भ्रमण
कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कांपा (महासमुंद) में किसानों को ऑयल पाम की खेती की वैज्ञानिक तकनीकों, जैविक खेती, फसल में लगने वाले रोग एवं कीट प्रबंधन तथा उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में महासमुंद विकासखंड के ग्राम बम्हुर्डीह, रामसागरपारा एवं जलकी के लगभग 30 किसानों ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. पी.सी. चौरसिया एवं डॉ. ओकेश चंद्राकर ने किसानों को ऑयल पाम की खेती के महत्व, उत्पादन तकनीक, पौधों की देखभाल एवं वैज्ञानिक खेती से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने किसानों को ऑयल पाम की खेती अपनाकर उद्यानिकी फसलों के माध्यम से आय बढ़ाने की संभावनाओं से अवगत कराया।
डॉ. जी. भास्कर ने किसानों को जैविक खेती के महत्व, जैविक विधियों के उपयोग तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी दी। वहीं, डॉ. ऋचा चौधरी ने ऑयल पाम की फसल में लगने वाले प्रमुख रोगों एवं कीटों की पहचान तथा उनके समन्वित प्रबंधन के संबंध में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम के अंतर्गत डॉ. ओकेश चंद्राकर एवं डॉ. आदित्य सिरमौर द्वारा किसानों को प्रक्षेत्र भ्रमण कराया गया, जिसमें किसानों को खेत में ऑयल पाम की खेती से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान किसानों को फसल की स्थिति, पौधों की देखभाल तथा उत्पादन तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला।
इसके अतिरिक्त, डॉ. कोमल गंभीर ने किसानों को कृषि मोबाइल ऐप की उपयोगिता एवं डिजिटल माध्यमों से कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त करने के बारे में बताया। उद्यानिकी विभाग से उपस्थित श्री नोहर निषाद ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न उद्यानिकी योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं से अवगत कराया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. संदीप भंडारकर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों ने प्रशिक्षण एवं प्रक्षेत्र भ्रमण के माध्यम से ऑयल पाम की खेती, फसल प्रबंधन, जैविक कृषि तथा शासकीय योजनाओं के संबंध में उपयोगी जानकारी प्राप्त की। इस प्रकार का प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा उद्यानिकी फसलों के माध्यम से उनकी आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।