महासमुंद : चॉइस सेंटरों के खातों में डलवाता था फ्रॉड का पैसा, फिर कैश लेकर होता था फरार, दो मामले दर्ज
महासमुंद में चॉइस सेंटर (डिजिटल सेवा केंद्र) संचालकों को निशाना बनाकर साइबर फ्रॉड की रकम खपाने और बदले में नकदी (कैश) ऐंठने वाले एक शातिर एक्टिवा सवार ठग का मामला सामने आया है. आरोपी नीली रंग की एक्टिवा में सवार होकर आता था और ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाने के नाम पर क्यूआर कोड या यूपीआई के जरिए साइबर क्राइम का पैसा चॉइस सेंटर संचालकों के बैंक खातों में डलवा देता था. इसके बाद वह संचालकों से नगद राशि लेकर फरार हो जाता था.
जब पीड़ित संचालकों के बैंक खाते साइबर सेल द्वारा होल्ड (फ्रीज) किए गए, तब इस ठगी का भंडाफोड़ हुआ. इस मामले में पुलिस ने दो पृथक-पृथक अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
मामला 1: दीवान डिजिटल सेवा केंद्र बिरकोनी से ₹16,000 की ठगी
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बिरकोनी निवासी प्रार्थी त्रिलोक कुमार दीवान (36 वर्ष), जो एनएच 53 रोड पर 'दीवान डिजिटल सेवा केंद्र' संचालित करते हैं, उनके डिजिटल सेवा केंद्र में 29 सितंबर 2026 की दोपहर करीब 1:43 बजे नीले रंग की एक्टिवा (क्रमांक CG 04 MH 4061) में सवार एक व्यक्ति उनके सेंटर पहुँचा. उसने लोन का पैसा कटने का बहाना बनाकर प्रार्थी के गूगल पे/आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाते में ₹16,000 ट्रांसफर करवाए और बदले में उनसे एटीएम से निकालकर ₹16,000 नगद ले लिए.
इसके बाद अगले ही दिन 30 सितंबर को त्रिलोक के दोनों बैंक खाते आईडीएफसी और एसबीआई होल्ड हो गए. बैंक जाने पर पता चला कि खाते में आया पैसा साइबर फ्रॉड का था, जिसके कारण खाता ब्लॉक किया गया है.
मामला 2: पूनम चॉइस सेंटर महासमुंद से ₹41,700 की चपत
वहीं दूसरे मामले में, महासमुंद के वार्ड नंबर 16 निवासी प्रार्थी मोहनलाल देवांगन (42 वर्ष), जो रायपुर रोड पर 'पूनम चॉइस सेंटर' का संचालन करते हैं, ने भी इसी तरह की ठगी की शिकायत दर्ज कराई है. 15 सितंबर 2026 की दोपहर करीब 3:00 बजे वही नीली एक्टिवा सवार (CG 04 MH 4061) उनके सेंटर आया और क्यूआर कोड के माध्यम से कुल ₹41,700 ट्रांसफर करवाकर उतनी ही रकम नगद ले ली.
इसके अगले दिन 16 सितंबर को मोहनलाल के एचडीएफसी बैंक के दोनों खाते होल्ड हो गए. जांच में यहाँ भी फ्रॉड की रकम खाते में आने की पुष्टि हुई. ठग ने पहचान पत्र के तौर पर 'अरुण कुमार' नाम के आधार कार्ड की छायाप्रति भी दी थी.
चॉइस सेंटर संचालकों के व्हाट्सएप ग्रुप से हुआ खुलासा, कई अन्य भी शिकार
पीड़ितों को चॉइस सेंटर संचालकों के व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पता चला कि इसी नीली एक्टिवा सवार ठग ने महासमुंद जिले के तुमगाँव निवासी रामसिंग सेवई, खैरझिटी निवासी चेतन कुमार गायकवाड़ सहित अन्य कई सेंटर संचालकों के साथ भी इसी पैटर्न पर ठगी की है.
ठग साइबर अपराध के पैसों को निर्दोष चॉइस सेंटर संचालकों के खातों में ट्रांसफर करवा देता था, जिससे बेकसूर संचालकों के खाते साइबर सेल द्वारा ब्लॉक किए जा रहे हैं.
महासमुंद पुलिस ने दोनों प्रार्थी त्रिलोक कुमार दीवान एवं मोहनलाल देवांगन के आवेदनों पर एक्टिवा CG 04 MH 4061 सवार अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(4) और 318(4) के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है.