बसना : प्राथमिक विभाग का अभिभावक सम्मेलन सम्पन्न
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में विद्यालय और अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण
बसना। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बसना में 25 अक्टूबर 2026 को प्राथमिक विभाग का अभिभावक सम्मेलन उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती, ॐ एवं भारत माता के छायाचित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। तत्पश्चात समिति पदाधिकारियों एवं उपस्थित अभिभावकों का तिलक-चंदन लगाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
इस अवसर पर कक्षा नवम की बहन पूर्वी साव ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर उपस्थित जनों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की। सम्मेलन के चर्चा सत्र में विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति, अनुशासन, संस्कार एवं नैतिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। विद्यालय में शिक्षा के साथ संस्कार भी प्रदान किए जाते हैं, लेकिन बच्चों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। घर और विद्यालय के बीच बेहतर समन्वय, नियमित अध्ययन तथा सकारात्मक वातावरण से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।
धनेश्वर साहू ने कहा कि वर्तमान शिक्षा पद्धति में सुधार की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मैकाले की शिक्षा पद्धति में बदलाव तथा शिक्षा के साथ भारतीय संस्कारों को महत्व देना आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय में दी जा रही ओड़िया भाषा की शिक्षा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, संस्कारों एवं अच्छे आचरण का विकास करना भी है।
तंजु साव ने कहा कि विद्यालय बच्चों को अनुशासन, एकता एवं विभिन्न क्षेत्रों का ज्ञान प्रदान करता है। पालक, बालक और शिक्षक के बीच बेहतर समन्वय से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव है। वर्तमान समय में मोबाइल के बढ़ते उपयोग एवं डिजिटल माध्यमों की ओर बच्चों के बढ़ते रुझान पर चिंता व्यक्त करते हुए अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने का आग्रह किया। शिक्षा के साथ खेलकूद भी बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आवश्यक है।
आनंदराम मंदनानी ने अभिभावकों से बच्चों की लिखावट सुधारने, प्रतिदिन उनकी कॉपियों की जाँच करने तथा घर पर नियमित रूप से पढ़ाई के लिए समय निर्धारित करने का आग्रह किया। अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई में सक्रिय सहभागिता निभानी चाहिए। प्रतिदिन उनकी शैक्षिक गतिविधियों पर ध्यान देने से अध्ययन की गुणवत्ता में सुधार होगा और बच्चों में नियमित पढ़ाई की आदत विकसित होगी।
विद्यालय समिति के अध्यक्ष रामचंद्र अग्रवाल ने कहा कि अभिभावकों को घर पर बच्चों के लिए पर्याप्त समय निकालना चाहिए। उनसे नियमित बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझना तथा उनके साथ आत्मीय संबंध बनाए रखना आवश्यक है। बच्चों की कॉपियाँ प्रतिदिन जाँचने, उन्हें घर पर पढ़ाने तथा उनकी शैक्षिक प्रगति पर ध्यान देने की अपील की। परिवार में आपसी भाईचारा बनाए रखने, सपरिवार भोजन करने तथा बच्चों को प्रेमपूर्ण एवं संस्कारयुक्त वातावरण प्रदान करने पर भी जोर दिया।
सम्मेलन के अंत में विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं भारतीय संस्कृति के संस्कारों को सुदृढ़ बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। बच्चों की नियमित अध्ययन दिनचर्या, अच्छी आदतों एवं शैक्षिक प्रगति पर सतत ध्यान देने तथा विद्यालय और घर के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की गई।
सभी ने विश्वास जताया कि विद्यालय एवं अभिभावकों के संयुक्त प्रयासों से विद्यार्थी संस्कारवान, अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।कार्यक्रम में विद्यालय समिति के संरक्षक सदस्य आनंद राम मंदनानी, सदस्य सांवरमल अग्रवाल एवं ललिता रात्रे , प्रधानाचार्य प्रवेश प्रधान सहित 43 अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त आचार्य बंधु-भगिनी एवं भृत्यों का विशेष सहयोग रहा।