भ्रष्टाचार का हुआ खुलाशा तो सरपंच ने कहा 50 दिन के अंदर दूंग... - CG Sandesh

भ्रष्टाचार का हुआ खुलाशा तो सरपंच ने कहा 50 दिन के अंदर दूंगा पैसे, नहीं देने पर ली मारपीट आने के नौबत में ज़िम्मेदारी !

बसना ब्लाक अंतर्गत एक गाँव में जब भ्रष्टाचार का खुलाशा हुआ तो सरपंच ने कहा कि मैं 50 दिवस के भीतर सभी हितग्राहियों का पैसा दे दूंगा. अगर 50 दिवस के भीतर सरपंच द्वारा पैसे नहीं दिए जाते तो हितग्राही सरपंच पर कानूनी कार्यवाही कर सकते है और अगर मारपीट की नौबत आती है तो इसके लिए सरपंच स्वयं जिम्मेदार होगा.

ऐसा ही पत्र पुरे ग्रामीणों के सामने बसना ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत बरगांव के सरपंच ने लिखकर ग्रामीणों को दिया और उसमे पंचायत की मुहर लगाकर गवाहों के साथ अपना हस्ताक्षर भी किया.

ग्रामीणों ने बताया है कि शौचालय पुर्ण होने के बाद ऑडिट में आये कर्मचारी जब सभी का शौचालय पुर्ण हो गया है राशि मिल गई है कहकर जाने लगा तो ग्रामीणों ने उसे रोक लिया. ग्रामीणों का कहना था कि राशि किसी को भी नहीं मिली है. उसके बाद 2 दिवस तक कर्मचारी ने ग्रामीणों से आडिट का काम पूरा करने के लिए लिखकर हस्ताक्षर किया.

जिसके बाद बरगांव के सरपंच रेशम जगत पर ग्राम पंचायत बरगांव के आश्रित ग्राम सराईपतेरा और गधाभांटा के ग्रामीणों ने शौचालय की राशि में लगभग 20 लाख रुपये ग़बन करने का आरोप लगाया है. ग्रामीणों ने बताया है सरपंच द्वरा 31 शौचालय फर्जी रूप से बनवाकर उसका राशि ग़बन करने के अलावा पंचायत द्वारा बनाये गए शौचालय में मनरेगा के तहत मिलने वाली मजदूरी को भी ग़बन कर लिया गया है.

ग्रामीणों ने बताया है कि गाँव में 228 शौचालय बनाये गए है जिनमे कई पात्र लोगों के भी नाम है. जिन शौचालय को पंचायत द्वारा सामग्री दी गई उसमे भी पूरी तरह भ्रष्टाचार कर पैसे को ग़बन किया गया है. ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच द्वारा शौचालय बनवाने के लिए 300 ईट, 2 बोरी सीमेंट, रेत, सीट और सेड दी जाती थी जिसमे हितग्राही को स्वयं की मजदूरी से शौचालय बनवाना होता था. लेकिन सरपंच ने इसके लिए शासन से 12 हजार प्रति शौचालय पुर्ण होने के हिसाब से लिए और हितग्राहियों को उनके मजदूरी का लगभग 3 हजार रुपये भुगतान नहीं किया गया.

मामले के उजागर होने के बाद सरपंच ने ग्राम सभा के समक्ष 50 दिवस के भीतर पैसा देने की बात कही अन्यथा हितग्राही सरपंच पर कानूनी कार्यवही कर सकते है और अगर मारपीट की नौबत आती है तो इसके लिए सरपंच स्वयं जिम्मेदार होगा ऐसा ग्रामीणों को लिखकर दिया गया.  

लेकिन 50 दिवस बीत जाने के बाद भी ग्राम सभा में 5 बैठक रखी गई जिसमे ग्रामीणों को केवल आश्वाशन मिलता रहा. और 6टवें बैठक में के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया तो ग्रामीणों के एक भरोषेमंद व्यक्ति ने 2 दिवस के भीतर सरपंच से पैसा दिलाने की बात कही जिसके बाद से दोनों ने ही कहीं ग्रामीणों की पहुँच से दूर हो गए है.



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