संगोत्र विवाह होने से मांगी गई रिश्वत, दी गई समाज से बहिष्कृत करने की धमकी.
भंवरपुर चौकी के एक ग्राम में एक युवक और युवती के संगोत्र विवाह होने के कारण. युवती की माँ को समाज से बहिष्कार करने का मामला सामने आया है. जिस पर युवती की माँ ने समाज के चार लोगों के विरुद्ध पुलिस में शिकायत की.
युवती के माँ ने शिकायत की थी कि उसकी पुत्री ने पु समाज के ही युवक से एक दुसरे की सहमति से कोर्ट मैरिज कर लिया. जिसके बाद समाज प्रमुखो द्वारा उसे एवं उसके पुत्री को समाज मे मिलाने के लिए समाज को खाना खिलाने एवं दण्ड स्वरूप 22 हजार रू. की मांग कर पैसा पटाने हेतु दबाव बनाया गया एवं पैसा नही पटाने पर समाज से बहिष्कृत करने की धमकी दी गई.
जिसपर आवेदिका (युवती की माँ) ने 11 हजार रू. जुर्माना दिया और समाज के लोगों को बकरा भात भी खिला दिया. लेकिन समाज के लोगों ने इस मामले को लेकर एक और बार मिटींग राखी जिसमें 11 हजार फिर समाज द्वारा मांगा गया. और 11 हजार बचत पैसा को नही दिये जाने पर समाज से बाहर बेदखल कर दिया. और समाज के अन्य व्यक्तियों को खान पान में जाने के लिये मना कर दिया गया.
जिसके बाद आवेदिका (युवती की माँ) ने कहीं से उधारी मांगकर 11 हजार रूपये जुगाड़ किया और 11 हजार रूपये हो चुका है कर समाज के एक व्यक्ति को बताने गई तो वह उससे मारपीट करने के लिए दौड़ पड़ा. जिसके बाद फिर मिटिंग रखी गई. जिसके बाद उसके समाज के प्रमुख लोगों ने आवेदिका से कहा कि जहाँ जाना है चले जाओ मगर जब 20-25 हजार रूपये रिश्वत दिया जायेगा तभी समाज में मिलाया जायेगा.
जिसके बाद आवेदिका (युवती की माँ) के पुत्री के कोर्ट मैरिज का निमंत्रण समाज के लोगों की दिया गया. जिसपर समाज के लोग वहां पहुंचकर उन्हें सहमति पत्र दे दी. लेकिन समाज के चार प्रमुख लोगों द्वारा समाज के फैसला एवं कोर्ट मैरिज शादी को नहीं माना और आवेदिका के कार्यक्रम में खान पान में मना कर छुआछूत मानने लगा जिसके बाद आवेदिका ने समाज के चार व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत किया. जिस पर पुलिस ने मामले की जांच कर 4 आरोपियों के विरुद्ध धारा 7(2)-PRO, 385-IPC दर्ज किया है.