1 बजकर 10 मिनट तक नही पहुंचे थे तहसीलदार, सैकड़ो किसान लाइन ल... - CG Sandesh

1 बजकर 10 मिनट तक नही पहुंचे थे तहसीलदार, सैकड़ो किसान लाइन लगा कर कर रहे पंजीयन के लिए इंतजार.

क्षेत्र के किसान अपनी खेती किसानी और साल भर की कमाई को बेचने के लिए इन दिनों तहसील कार्यालय बसना पहुंच कर अपनी जमीन का पंजीयन करा रहें है. धान बेचने के लिए दिनांक 31 अक्टूबर  तक कल की अंतिम तिथि निर्धारित किया गया है. तो वही आज बसना तहसील परिसर में लगभग 200 किसानों का जमावड़ा हो गया और वे तहसीलदार के आने का इंतजार कर रहे थे.

बताया गया की सुबह से किसान लाइन लगा कर खड़े थे लेकिन 1 बजकर 10 मिनट तक कोई भी जिम्मेदार तहसीलदार नही पहुचा था इसलिए लगभग 5 घण्ठा तक किसानों को खड़ा रहना पड़ा. जिसमे कई बुजुर्ग किसान तहसीलदार की राह देखते-देखते थककर जमीन में ही बैठने लगे.

हर साल समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जाता है,  पर इस साल खरीफ वर्ष में धान बेचने के लिए किसानों को दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की ज़रूरत नहीं है. शासन से आदेश आया है कि पिछले साल के रजिस्टर्ड किसानों को इस साल के लिए रजिस्टर्ड माना जाए. किसानों को अगर कोई जानकारी अपडेट करानी है, तो वे 31 अक्टूबर तक करा सकते हैं.

पिछले साल खरीफ वर्ष 2018-19 में जिन किसानों ने पंजीयन नहीं कराया था और वे इस साल धान बेचना चाहते हैं, तो उनका पंजीयन तहसील मॉडयूल के माध्यम से तहसीलदार द्वारा किया जाएगा. नए किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तय की है. नए पंजीयन के लिए किसान द्वारा समिति से आवेदन प्राप्त कर उसे भरकर संबंधित दस्तावेजों के साथ तहसील कार्यालय में जमा करना होगा.

आवेदन में भूमि एवं धान के रकबे का पटवारी रिकार्ड के आधार पर सत्यापित किया जाएगा. तहसीलदार द्वारा सभी साक्ष्य देखने और परीक्षण करने के बाद ही नए किसान का पंजीयन करेगा. जिसके लिए जिम्मेदार अधिकारी आज बसना तहसील से नदारद रहे.  


अन्य सम्बंधित खबरें