अभ्यारण्य क्षेत्र में पेड़ो की अवैध कटाई कर की जा रही खेती, 30 एकड़ जंगल पर हुआ कब्ज़ा !
वनमंडल के अंर्तगत बारनयापारा अभ्यारण्य क्षेत्र में जंगल जमीन और जानवरों के सुरक्षा के लिए शासन-प्रशासन कई नियम बनाये और लाखों करोड़ो रुपया खर्च कर जंगल को बचाने के लिए कर रही है।
ग्राम पंचायत ढेबा के कुछ ग्रामीणों ने हमारे संवाददाता को नाम न छापने के शर्त में बताया कि ग्राम के बनमाली पटेल पिता उसत पटेल, गिरधारी पिता उसत, दतारी पिता उसत जाति अघरिया इन चारों भाई ने मिलकर ग्राम ढेबी से लगे जंगल मे बेशकीमती इमारती पेड़ो की अवैध कटाई कर करीबन 20 से 30 एकड़ जंगल जमीन पर कब्जा कर खेती किया जा रहा है ।
वैसे वन विभाग की
जमीन पर बिना इजाजत के किसी भी पेड़ की कटाई नही कर सकते, इन दबंगो ने शासन के नियमो की धज्जी उड़ाते हुए
कई पेड़ काट डाले, इसकी सूचना जब वनविभाग को मिली तो बारनयापारा
के डिप्टी रेंजर सुरेंद्र सिदार ,वनरक्षक डहरिया ने जाकर देखा तो कई पेड़ो को
काटा जा चुका था, अवैध कटाई का
मामला दर्ज कर लकड़ी को जप्ती बनाकर पिथौरा काष्ठगार डिपो भेज दिया तथा जुर्माना के
तौर पर 40 हजार रुपया बनाया गया।

डिप्टी रेंजर सुरेंद्र सिदार ने बताया कि सेंचुरी क्षेत्र में वनसंपदा को छेड़खानी या कटाई यहां तक कि पत्ता को भी तोड़ने का अधिकार नही होता, लेकिन इन चारों भाइयो ने मिलकर देबी से लगे जंगल को काटकर खेती बनाने करने के लायक बना दिया है और अभी वर्तमान में वनविभाग के जमीन में जहाँ पेड़ लगे थे वहां अब किसानी किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि मेरे पूर्व इस क्षेत्र में पदस्त डिप्टी रेंजर के समय का मामला है, इस वजह से मैं ज्यादा नही बता सकता, इस घने जंगलों को काटकर खेती लायक बनाया गया है मैंने सामने जाकर पूरा मुयना किया तो बनमाली पटेल ने बताया कि हमने पट्टा की मांग किया है, लेकिन गलत काम है क्योंकि आप लोग जंगल मे कब्जा कर रहे हो पेड़ो की अवैध कटाई कर रहे हो,कार्यवाही तो होगी ही, चुकी अभी वर्तमान में रेंजर, एसडीओ एवम डीएफओ का तबादला हो गया है हमने उच्च अधिकारियों को इन मेटर पर बात किया किन्तु तबादला होने के वजह से जांच नही हो पाया.
उन्होंने कहा कि वर्तमान डीएफओ आलोक तिवारी, एसडीओ रेंजर नए है मामला बहुत बड़ा है जांच होगी और कार्यवाही कि जाएगी, इस तरह यदि कार्यवाही नही होगी तो जंगल साफ हो जाएगा. ग्रामीणों ने नाम नही छापने के एवज में बताया कि ये अपने आप को किसी बड़े भाजपा नेता का आदमी मानते है, और दबंगता से जंगल को साफ किया जा रहा, जिससे जंगली जानवरों का अस्तित्व भी इस तरह जंगलो की कटाई से खतरे में पड़ जायेगा.
इतना बड़ा जगह पर कब्जा किया गया वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कार्यवाही नही किया जाना और जानकारी नही होना समझ के परे है, दबी जबान से ग्रामीणों का कहना है, कही अधिकारियों का साठ-गांठ तो नही, इस पर वे संदेह कर रहे है.