आदेश पाकर हुए बदहवाश, जिलाशिक्षाधिकारी का फरमान की अपनी उपस्... - CG Sandesh

आदेश पाकर हुए बदहवाश, जिलाशिक्षाधिकारी का फरमान की अपनी उपस्थिति देते रहो।

शासकीय हाईस्कूल मरदा में छात्राओ के साथ असलील कृत्य के आरोपियों को गिरफ्रतार कर जेल भेजे जाने के उपरांत लोक शिक्षण संचालनालय इंद्रावती भवन नवा रायपुर के आदेश क्रमांक/सतर्कता/2019/7338 दिनाक 8 नवम्बर 2019 के तहत अध्यापन हेतु तात्कालिक ब्यवस्था कर 7 शिक्षको जिसमे 3 ब्याख्याता और चार सहायक शिक्षको को आदेशित किया गया।

इस ब्यवस्था आदेश को देखकर शिक्षको के हाथ पांव फूलने लगे, और चारो सहायक शिक्षको के द्वारा बलौदाबाजार जिला शिक्षा अधिकारी को करबद्ध निवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसमें सहायक शिक्षको ने अपनी समस्या को लिखित रूप में जानकारी दिए कि हम कभी भी मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों को कभी भी अध्यापन कार्य कराने का अनुभव भी नही है, और हमारी योग्यता नही है, फिर भी हमे हाईस्कूल में अध्यापन की जवाबदारी क्यो दे रहे हो, हम इस जवाबदारी को निभाने में असमर्थ है, अतः आपसे निवेदन है कि इस आदेश को निरस्त करते हुए हमें अपनी मूल शाला में वापस भेज दीजिये ।

फिर भी किसी प्रकार से कोई भी हल इन सहायक शिक्षको के बारे में नही किया गया। इस बात की जानकारी जिलाध्यक्ष श्री हरिशंकर जायसवाल को मिली तो बात को गंभीरता से लेते हुए चुकी विद्यार्थियों का भविष्य का सवाल है, की जब शिक्षक ही अध्यापन कार्य मे असमर्थता जाहिर कर लिखित में निवेदन किया गया फिर भी जिलाशिक्षाधिकारी द्वारा ठोस पहल नही किये जाने परस्वम जायसवाल ने अधिकारी बात किया तो अधिकारी ने कहा कि अभी तो समस्या है, स्कूल बंद न हो इसके लिए इन शिक्षको को भेज गया है।

यहां यह बताना लाजमी होगा क्या अधिकारी विद्यार्थियों का भविष्य बनाने मे कितने जिम्मेदार है? क्या ऐसे में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का सपना संजोया जा सकता है क्या? ये सवाल है उन होनहार विद्यार्थियों के ।


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