कसडोल:-शिक्षा विभाग के अधिकारियों का शिक्षको पर मेहरबान,परिणाम बच्चो का भविष्य गर्त में।
कसडोल क्षेत्र के दुरस्त वनांचल में संचालित हो रहे स्कूल भगवान भरोसे है, यहां पदस्थ शिक्षक इतने मनमानी और शासन-प्रशासन के आदेश को अनदेखी कर रहे है,तो आम जनता जनता को क्या समझे।रही बात शिक्षा विभाग में अधिकारियों का क्या कहना किसी आम जनता या मीडिया के माध्यम से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जानकारी या शिकायत किया जाता है तो एक ही जवाब आता है।इस मामले का जानकारी मुझे आपके माध्यम से मिली है मुझे जानकारी नही थी।ये शब्द कहना आम बात है।यहां जनता ये सवाल पूछ रही है क्या काम है इनके अधिकारियों का सारा संदेश शिकायत करते है,तो क्या ये सिर्फ वेतन लेने के लिए है क्या?
स्कूल का नया सत्र 6 माह हो चुका है मुड़पार स्कूल में जो कि बार संकुल में आता है,यहां पदस्थ संकुल समन्वयक कसडोल में निवास रत है,और इनको सारी जानकारी है कि स्कूल का क्या हाल है,बार बार स्कूल के बारे में सूचना देने पर भी क्यो ध्यान नही दिया जाता।मुड़पार स्कूल में प्रशासनिक आदेश जारी किया गया प्राथमिक शाला में पदस्थ दिलीप पटेल का तबादला मुड़पार स्कूल में किया गया है,किन्तु आज तक स्कूल में ज्वानिंग नही किया।मुड़पार स्कूल में 57 विद्यर्थियों को केवल एक शिक्षक के भरोसे छोड़ दिया है।कहा से गुणवत्ता आये ,विभागीय अधिकारियों किस बात का दवाब है ये तो अधिकारी ही जाने,इन शिक्षको का तबादला होने के बाद भी किसका छत्रछाया है कि नियम का खुला धज्जियां उड़ा रहे है।