बलौदाबाजार:- अरविंदो सोसायटी के सराहनीय पहल शून्य निवेश नवाचार
अरविंदो सोसायटी पिछले कई सालों से शिक्षा में शोध कार्य कर रही है।इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार है।सोसायटी की ओर से विद्यालयों के शिक्षको को खेल खेल में शिक्षा ग्रहण कैसे कराई जाय जिससे विद्यार्थी अध्ययन को रुचि पूर्ण ग्रहण करे।नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा जो सभी बच्चे अपने माता पिता व गुरु से शिखते है।यदि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का विकास खेल खेल के माध्यम से विकसित हो रहा है,तो बच्चे अपने आदर्श संस्कृति को समझेंगे और संस्कार वान बनकर निकलेंगे।
इसी तारतम्य में बलौदाबाजार जिले में समस्त विकाशखण्डों के शिक्षको को शून्य निवेश नवाचार का 6 विधाओं में प्रशिक्षण दिया गया।शिक्षको ने अच्छे से प्रशिक्षण प्राप्त किया, किन्तु विडम्बना यह है कि सरकार के द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चो की शिक्षा गुणवत्ता के लिए चलाए जाते है,पर सरकार का ध्यान विद्यालयों के शिक्षको की पर्याप्तता हेतु कभी नही जाता।
अधिकाशतः रोड किनारे के विद्यालयों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक नजर आते है,ठीक इसके विपरीत ग्रामीण अंचलों में बच्चो के अनुपात में शिक्षक होते नहीं, और होते है तो एकल शिक्षिकीय।इस तरह के प्रशिक्षणो में शिक्षक तो प्रशिक्षण स्थलों में अपनी उपस्थिति दे देते है,और बच्चे मध्यान्ह भोजन के सहारे उपस्थित रहते है।क्या ऐसी स्थिति में गुणवत्ता के स्तर पर सुधार हो पाना संभव है?यह शिक्षा जगत की लिए ज्वलन्त समस्या है!
यदि सरकार की ओर से ग्रामीण अंचलों के विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक की ब्यवस्था की जाय तो गुणवत्ता के लिए चलाए जा रहे अभिनव पहल सार्थक होंगे,अन्यथा ऐसी योजना कागजो पर ही शोभायमान नजर आएंगी। जिसके जिम्मेदार कौन?